रकम दोगुना करने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये हड़पने वाली चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर्स के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है। भीकनपुर निवासी सचिन शर्मा ने छजलैट थाने में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया। उसका आरोप है कि उसे रकम दोगुना करने का झांसा देकर 42 लाख 88 हजार रुपये ठग लिए थे।
ठगी का शिकार हुए सचिन शर्मा ने छजलैट थाने में मोहित अग्रवाल निवासी चौरासी घंटा थाना नागफनी, उनकी पत्नी चांदनी गुप्ता, मां सुषमा अग्रवाल और पिता लक्ष्मी शंकर अग्रवाल व जमाल कौसर कुरैशी पुत्र जहीर कुरैशी निवासी जियाजगंज घरौला जिला अल्मोड़ा के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
सचिन ने बताया कि मोहित अग्रवाल अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के साथ उसके घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आरएएमपी डवलपर्स इंडिया लिमिटेड और वेदांत म्यूचल बेनीफेट इंडिया लि. के डायरेक्टर हैं। जिनका ऑफिस गाजियाबाद के बसुंधरा में है। जबकि सब ऑफिस मझोला के मानसरोवर कालोनी में है।
उन्होंने बताया कि कंपनी रियल स्टेट में आरडी के माध्यम से ग्राहक की रकम इकट्टा करती है। कंपनी को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से फाइनेंनशियल बिजनेस करने के लिए रजिस्टर्ड है। कंपनी पांच साल में रकम दोगुना कर देती है।
पीड़ित ने अलग अगल तारीखों में आरोपियों को 42 लाख 88 हजार रुपये दिए। जिसके बदले में आरोपियों ने उसे एफडी बान्ड जारी किए। लेकिन समय पूरा होने से पहले ही आरोपी गायब हो गया। कुछ दिन पहले इन सभी आरोपियों के खिलाफ मझोला थाने में भी एक केस दर्ज किया गया था।
जिसमें मझोला पुलिस ने सुषमा अग्रवाल और उसके पति लक्ष्मी शंकर अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि मोहित अग्रवाल अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है। छजलैट पुलिस ने बताया कि जांच की जा रही है।