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सुपारी देकर हत्या कराने का चलन बढ़ा

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मुरादाबाद। जनपद में सुपारी देकर हत्या कराने का चलन बढ़ रहा है। हाल ही में सिविल लाइन पुलिस ने एक बड़ी वारदात को होने से बचा लिया है, जिसमें आहूजा ग्रुप के एमडी की हत्या की साजिश एक करोड़ रुपये में तय की गई थी, इस मामले में तीन आरोपी जेल जा चुके है। हालांकि, अभी भी मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है। इससे पहले कुंदरकी में किसान और पाकबाड़ा में आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या और मुगलपुरा में जहांगीर हत्याकांड में सुपारी देकर हत्या कराई जा चुकी है, जिनका पर्दाफाश हो चुका है। इसके अलावा भाजपा नेता बबलू सैनी पर जानलेवा हमले में पुलिस को भाडे़ के हत्यारों पर ही शक है।
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मामला एक
मुरादाबाद। पाकबड़ा में आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी की हत्या सुपारी दस लाख रुपये देकर कराई गई थी, जिसमें एक सपा नेता पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। वारदात को दिसंबर माह में अंजाम दिया गया, पुलिस को कासिम सैफी की हत्या का पता जनवरी में चला। दस जनवरी को कासिम का शव पुलिस ने शामली से बरामद किया था। इस मामले में एक सपा नेता सहित तीन आरोपी जेल जा चुके हैं।

मामला दो
मुरादाबाद। मैनाठेर थानाक्षेत्र स्थित सूरजपुर कल्यान गांव में एक किसान रामगोपाल की सुपारी देकर हत्या कराई गई थी, वारदात को विरोधियों को फंसाने के लिए अंजाम दिलाया गया था। वारदात की साजिश रामगोपाल की बेटी और जेल में बंद उसके पति ने रची थी। साजिशकर्ता सहित भाडे़ के हत्यारों को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है। इस मामले में नामजद किए गए आरोपियों को पुलिस ने झूठा बताया था।
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मामला तीन
मुरादाबाद। कुंदरकी के शिमलाठेर में हुआ किसान लक्ष्मण सैनी की हत्या का मामला भी ऐसा ही है। इस मामले को सुपारी देकर अंजाम दिलाया गया था। भाडे़ के हत्यारों ने लक्ष्मण सैनी की गर्दन काट ली थी, इस वारदात की गूंज डीजीपी हेड क्वार्टर तक गई थी। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया था।

बयान
‘भाडे़ के हत्यारों की वजह से जो वारदातें हुई है। उनमें आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वारदात में खुद के फंसने के डर से साजिशकर्ता ऐसा करते हैं, हालांकि पुलिस की जांच में आरोपी बेनकाब हो रहे हैं। जिन मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है, उनमें जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।’
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जे रविंदर गौड, एसएसपी
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