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डा, शैली हत्या कांड में एडवाइजरी

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मुरादाबाद।
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हाईकोर्ट इलाहाबाद ने डा. शैली मेहरोत्रा चौहरे हत्याकांड में एडवाइजरी जारी कर दी है। जिसमें कहा गया है कि घटना वाले दिन रिश्तेदार, परिजन और घरेलू नौकरों की काल डिटेल और लोकेशन के साथ विस्तार से विवेचना की जाए। घटना स्थल घनी आबादी में होने के कारण आसपास के लोगों से भी इस घटना केखुलासे के लिए जानकारी जुटाई जानी चाहिए। इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद बरामद कार से फिंगर प्रिंट नहीं लिए गए। घटना स्थल से खून के नमूने, फिंगर प्रिंट और बाल के नमूने नहीं लेना गंभीर मामला है। इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच रिपोर्ट 13 फरवरी को तलब की गई है।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और विवेक वर्मा की पीठ ने आदेश में कहा है कि 15 व 16 मई 2014 की रात घटना स्थल और आसपास के इलाके में परिजन, रिश्तेदारों और घरेलू नौकर के मोबाइल की लोकेशन इस हत्या कांड के खुलासे में मददगार हो सकती है। अदालत ने इस केस में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अदालत के समक्ष ठाकुरद्वारा के सीओ विशाल यादव ने हलफनामा दाखिल किया था। जिसमें यह नहीं बताया है कि डा. शैली सहित उनके परिवार के चार लोगों की हत्या के बाद पुलिस ने घटना स्थल से फिंगर प्रिंट लिए थे या नहीं। वहां पड़े खून और बाल आदि केनमूने भी लिए या नहीं। रिकंस्ट्रक्शन सीन और क्राइम की प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई। इन सभी का पुलिस की केस डायरी में जिक्र तक नहीं है। घटना स्थल घनी आबादी वाले जिगर कालोनी इलाके में हुआ है। लेकिन इस इलाके के आसपास के परिवार तथा अन्य लोगों से घटना के बारे में जानकारी नहीं की गई। केस डायरी में उनके बयान भी नहीं हैं।
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शहर की घनी आबादी वाली जिगर कालोनी की कोठी नंबर 40 में 15 व 16 मई 2014 की रात जिला महिला अस्पताल की पूर्व सीएमएस डा. शैली मेहरोत्रा, उनकेपति अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. ओम मेहरोत्रा, ननद रुद्रपुर के जिला अस्पताल की पूर्व चिकित्सक डा. रश्मि मेहता की गला रेतकर और पौत्री गिन्नी (5) की गला घोंटकर हत्या की गई थी।
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ये है पुलिस की जांच
ठाकुरद्वारा के सीओ विशाल यादव ने अदालत में हलफनामा दाखिल करके कहा है कि इस खुलासे के लिए पुलिस की आठ टीम लगीं थीं। 138 मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया गया था। इस घटना से जुड़े संदिग्ध लोगों केबयान लिए और गहनता से पड़ताल की गई थी। इसके बावजूद हत्यारों का पता नहीं लग सका।
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