मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के दौरान शनिवार को मैथोडिस्ट इंटर कालेज का परिसर एकदम बदला-बदला सा नजर आ रहा था। पकवानों की महक और मंगलगीतों की गूंज से चारों ओर खुशियों और उल्लास का बसेरा था। इस योजना के तहत जिले में 136 जोड़ों ने सात फेरे लिए तो 47 ने निकाह कुबूल किया। सौहार्दपूर्ण वातावरण में अधिकारियों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों की भी भागीदारी रही।
यज्ञ वेदी पर मंत्रोच्चारण और निकाह स्थल पर कुरान की आयतों से माहौल प्रेम और सद्भाव से प्रफुल्लित हो रहा था। दुल्हा-दुल्हन की मुस्कान को हाथों की मेहंदी खुशनुमा बना रही थी। सिर पर सजा सेहरा और पगड़ी बांधे दूल्हे जब लाल जोड़ों में सजी अपनी दुल्हन को ब्याहने आए तो माता-पिता की आंखें भर आईं। मुख्यमंत्री योजना के तहत एक जोड़े के लिए 51 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें दस हजार रुपये उपहार स्वरूप और 35 हजार रुपये कन्या के खाते में जमा कराए जा रहे हैं, ताकि विवाह के बाद वह अपने गृहस्थ जीवन को आसानी से शुरू कर सकें। परिसर में एक ही पंडाल के नीचे अलग-अलग धर्म और संप्रदायों के युवा जीवन भर के लिए एक हो गए। नगर क्षेत्र से 69 हिंदू, 23 मुस्लिम जोड़ों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के मुरादाबाद ब्लॉक, डिलारी, ठाकुरद्वारा, भगतपुर, मूंढापांडे, कुंदरकी, डिलारी और बिलारी के मिलाकर 91 हिंदू और 24 मुस्लिम जोड़ों के निकाह और विवाह हुए। एक यज्ञ वेदी पर पांच जोड़ों ने मंत्रोच्चारण के बीच सात फेरे लिए तो वहां मौजूद काजी ने मुस्लिम जोड़ों का निकाह करवाया। मेयर विनोद अग्रवाल, सांसद सर्वेश सिंह, जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, नगर विधायक रितेश गुप्ता, सीडीओ मृदुल चौधरी, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की संयोजिका प्रिया अग्रवाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
जाम में फंस गए दूल्हे
शहर में लगने वाले जाम से शनिवार को दूल्हों को भी जूझना पड़ा। समारोह स्थल पर पहुंचने में देरी होने से दुल्हनों को चिंता सताने लगी। परिजन बार-बार फोन कर दूल्हों से लोकेशन लेते रहे। थोड़ी देर बाद जब वह पहुंचे तो उनका जयमाला कार्यक्रम करवाकर फेरे करवाए गए।
तीन दूल्हे नहीं आए।
शादी समारोह में तीन दूल्हे नहीं आए। उनकी वजह से तीन जोड़ों की शादी नहीं हो पाई। उनके लिए 17 फरवरी को प्रस्तावित विवाह समारोह में व्यवस्था की गई है।
17 को फिर होगा सामूहिक विवाह
मुरादाबाद। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 17 फरवरी को फिर से पंचायत सभागार में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके लिए दंपती से जिला समाज कल्याण कार्यालय और जिला पंचायत में आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन के साथ वर व वधू के आधार कार्ड की फोटो स्टेट, दो फोटो, जन्म तिथि की फोटो स्टेट, वधू की पासबुक की फोटो कांपी शामिल जमा करनी होगी। वधू के माता पिता की आमदनी दो लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।