स्वच्छकारों को केंद्र सरकार से मिलने वाली 40 हजार रुपये की एकमुश्त मदद दिलाने के नाम पर उनसे वसूली की शिकायतें सामने आई हैं। अधिकारी भी इससे अंजान नहीं हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अवैध वसूली की शिकायतों की पुष्टि की है। उन्हाेंने कहा है कि यदि बिचौलियों द्वारा सरकारी लाभ दिलाने के नाम पर वसूली की लिखित शिकायत मिलती है तो कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
सिर पर मैला ढोने के काम में लगे लोगों को चिन्हित कर सरकार उनके पुनर्वास के लिए एकमुश्त 40 हजार रुपये देती है। इसके अलावा स्वच्छकारों को केंद्र सरकार की ओर से प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाते हैं। हाल ही में केंद्रीय मंत्री थावर चंद्र गहलोत ने मुरादाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वच्छकारों को 40- 40 हजार रुपये के चेक वितरित किए थे। अधिकारियों को शिकायतें मिल रही हैं कि केंद्र की योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कुछ बिचौलिए स्वच्छकारों से अवैध वसूली कर रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी / जिला प्रबंधक उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम सुनील कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि स्वच्छकार विमुक्ति एवं पुनर्वास अधिनियम के तहत नेशनल सफाई कर्मचारी वित्त एवं फाइनेंस लिमिटेड द्वारा कराए गए पुन: सर्वेक्षण में पात्र पाए गए स्वच्छकारों के खातों में एकमुश्त 40 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। रकम आईटीजीआरएस के माध्यम से सीधे पात्रों के बैंक खातों में भेजी गई है। लेकिन कुछ बिचौलियों द्वारा पात्रों से अवैध वसूली की शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने स्वच्छकारों से कहा है कि वह बिचौलियों के चक्कर में पड़ने के बजाए विभाग को इसकी सूचना दें। ऐसे बिचौलियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।