डीजीपी के शहर से जाते ही डकैतों ने मंगलवार को दिन ढले फिर से एक घर में डाका डालने की कोशिश की। शाम करीब साढ़े सात बजे छह हथियारबंद बदमाश भोला सिंह की मिलक में एक स्वास्थ्य कर्मी के घर में घुस गए। गनीमत रही कि मुख्य द्वार के बाद के घर के दरवाजे बंद थे। बदमाशों को देखते ही परिवार ने शोर मचाया तो मोहल्ले के लोगों फायरिंग शुरू कर दी। खुद को घिरता देख बदमाश घर से निकलकर भाग गए। चंद मिनटों में पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। बदमाशों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन उनका कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
23 अक्तूबर को मझोला के पैपटपुरा में तीन घरों में हुई डकैती की वारदात के बाद से सिटी सर्किल के थानों में डकैती की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार को शहर में डीजीपी आए थे। दिन भर शहर में कड़ी चौकसी थी। डीजीपी दोपहर को शहर से गए तो चार घंटे बाद ही शाम साढे़ सात बजे करीब छह बदमाशों ने फिर से एक घर में डाका डालने की कोशिश की। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में भोला सिंह की मिलक में डकैतों ने स्वास्थ्य कर्मी गफ्फार और उसके भाई फारूख के घर को निशाना बनाया। दोनों भाई एक ही घर में रहते हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि घटना के समय पूरा परिवार जाग रहा था। मकान के मुख्य द्वार को छोड़ बाकी सभी दरवाजे बंद थे। मुख्य द्वार से बदमाश बाउंड्री में दाखिल हुए और उन्होंने अंदर दाखिल होने के लिए दूसरा दरवाजा खोलने की कोशिश की। बदमाशों ने दरवाजा खींचा तो आहट होते ही परिवार के लोग डर गए। खिड़की का परदा हटाकर देखा तो घर की गैलरी में पांच-छह बदमाश नजर आए। खौफजदा परिवार वालों ने शोर मचाया तो आस पड़ोस के लोग लाठी डंडे और असलहे लेकर दौड़ पड़े। परिवार को डर था कि बदमाश छत पर भी हो सकते हैं।
बदमाशों के एक घर में घुसने की सूचना मिली तो पुलिस की कई टीमों ने चंद मिनटों में पूरे इलाके को घेर लिया। स्वास्थ्य कर्मी के घर को घेरने के बाद पुलिस ने लाऊड हेलर के जरिए बदमाशों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। काफी देर बाद भी कोई हलचल नहीं हुई तो पुलिस की टीमें हाथों में हथियार लेकर छत पर पहुंचीं। दो मंजिला मकान की छत से लेकर गैलरी तक की तलाशी ली गई लेकिन कोई डकैत हाथ नहीं आया। मकान के आसपास खेताें में भी जाकर भी पुलिस ने काबिंग की लेकिन वहां पर भी बदमाश नहीं मिले। घटना के समय घर में गफ्फार की मां मुन्नी, बेटी शाइस्ता, मोसीना, दामाद आमिर और फारुक की बेटी तबस्सुम, गुलिस्ता, अदीबा और बेटा मारूफ था। गफ्फार के मामा मुन्ने निवासी शेरपुर जिला अमरोहा का मंगलवार को इंतकाल हो गया था। इसलिए गफ्फार अपनी पत्नी नन्ही, बेटी रूबी, बेटे शाहरुख और फारुख अपनी पत्नी भुररों के साथ अमरोहा गए थे। मोसीना ने बताया कि डकैत मकान की बाउंड्री फांदकर अंदर दाखिल हुए थे। पहले उन्होंने मुख्य दरवाजे के सामने वाले लकड़ी के गेटे की तोड़ कर घर में घुसने की कोशिश की लेकिन नाकाम होने पर चैनल वाले गेट के पास आकर अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे। करीब पांच-छह बदमाशों को तो उन्होंने देखा है। इस दौरान छत पर भी बदमाशों के कूदने की आवाज आई थी।
‘बदमाशों के आने की सूचना पर मैं खुद पुलिस की टीम के साथ मौके पर गया था। सर्च अभियान चलाया गया था लेकिन वहां पर पुलिस को बदमाश नहीं मिले हैं। बदमाशों की तलाश में मकान की घेराबंदी भी की गई थी।
अंकित मित्तल, एसपी सिटी
अंधेरा और ई-कचरा के धुंए का फायदा उठाकर भाग निकले बदमाश
मुरादाबाद। गफ्फार के दामाद मोहम्मद नदीम ने बताया कि साढे़ सात बजे अंधेरा हो गया था। ई-कचरे के धुएं और अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश वहां से भाग निकले हैं। वह आसपास के लोगों को पीछा करने पर नहीं दिखे। स्थानीय लोगों ने बताया कि भोला सिंह की मिलक के पास ही कचरा कई दिनों से जलाया जाता है। जिसका धुआं आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को परेशान करता है। उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत होती है।