मुरादाबाद। कांग्रेस ने मुरादाबाद से सैलिब्रेटी एवं प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को चुनाव मैदान में उतार दिया है। भाजपा और गठबंधन से भले ही अभी तक प्रत्याशी घोषित नहीं हुए हैं, लेकिन कांग्रेस से राजब्बर के मैदान में कूदने से मुकाबला त्रिकोणीय ही नहीं बल्कि रोचक होगा। राजबब्बर की घोषणा से कांग्रेस को चुनाव तैयारियों एवं जनता के बीच जाने का पूरा मौका भी मिल गया है।
मुरादाबाद में 23 अप्रैल को तीसरे चरण में चुनाव हैं। 11 अप्रैल से नामांकन शुरू होंगे। पार्टियों के पास समय कम है। प्रत्याशियों की घोषणा में जितनी देरी होगी लोकसभा क्षेत्र में जनसंपर्क करने में उतनी ही मुश्किल आएंगी। प्रत्याशी घोषित कराने में कांग्रेस ने बाजी मार ली है। राजब्बबर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही नामी सैलिब्रेटी हैं। मुरादाबाद लोकसभा सीट कांग्रेस की गौरवशाली इतिहास से जुड़ी है। सर्वाधिक पांच बार कांग्रेस प्रत्याशी निर्वाचित हुए हैं। इसके बाद भी 2014 का लोकसभा चुनाव में कांग्रेस हाशिये पर आ गई। 2014 में कांग्रेस की बेगम नूर बानो को मात्र 19732 वोट मिले और वह 5वें स्थान पर रहीं। जबकि भाजपा से निर्वाचित सांसद कुंवर सर्वेश सिंह को 485224 वोट मिले थे। कांग्रेस की करारी हार ने संगठन ही नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ दिया था।
पार्टी हाईकमान ने 2019 के चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को चुनाव मैदान में उतारा है। इससे कांग्रेसियों में उत्साह है और मुरादाबाद प्रदेश की सबसे हॉट सीटों में शामिल हो गई है। चुनाव कौन जीतेगा यह तो 23 मई को ही पता चलेगा, लेकिन राजबब्बर के मैदान में कूदने से मुरादाबाद में मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
मुरादाबाद से कांग्रेस के निर्वाचित सांसद
- 1952 में राम सरन
- 1952 मौलाना मो हिफजुर रहमान
- 1957 राम सरन
- 1984 हाजी मो शादिक
- 2009 मो अजहरउद्दीन
- कांग्रेस पार्टी किसी को भी चुनाव लड़ा लें। गठबंधन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भाजपा और कांग्रेस नहीं चाहती कि देश में कोई तीसरा दल तैयार हो। दोनों ही पार्टी एक जैसी हैं। गठबंधन ने कांग्रेस के लिए दो सीटें छोड़कर सम्मान किया। लेकिन कांग्रेस सम्मान लेना नहीं चाहती है। - गुलाब सिंह, बसपा जिलाध्यक्ष
- भाजपा की अपनी तैयारी है। कांग्रेस और गठबंधन किसे चुनाव लड़ाएगा इससे भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता है। भाजपा का अपना वोट बैंक है। भाजपा 2014 से प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को लेकर जनता के पास जाएगी और रिकार्ड मतों से जीतेगी। - हरिओम शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा
- जनता पैराशूट प्रत्याशी को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। पिछले अनुभव जनता के लिए अच्छे नहीं रहे हैं। सैलीब्रेटी आती हैं और चली जाती हैं। उनका जनता से कोई लेना देना नहीं होता है। मुरादाबाद की जनता अपने ही बीच का जनप्रतिनिधि चाहती है, जो उनकी समस्याओं का समाधान कर सकें। - राजीव सिंघल, जिलाध्यक्ष सपा