पुलिस लाइन सभागार में रेंज के अपराध की समीक्षा करने के बाद डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि प्रदेश में क्राइम का ग्राफ पिछले डेढ़ साल में तेजी से गिरा है। इस दौरान एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है। लूट, डकैती, हत्या से लेकर बलात्कार तक की घटनाआें में कमी आई है। मुरादाबाद की पांच डकैतियों का उन्हाेंने जिक्र किया लेकिन जल्द घटनाओं के खुलासे पर पुलिस की पीठ भी थपथपाई। एक सवाल के जवाब में उन्हाेंने कहा कि अयोध्या के हालात पुलिस के लिए चुनौती नहीं हैं। फोकस कुंभ मेले को लेकर है।
डीजीपी ने बताया कि प्रदेश में पिछले साल की अपेक्षा इस साल डकैती की घटनाओं में 44 प्रतिशत की कमी आई है। लूट की वारदातों में 22, हत्या में पांच, बलवा में 9, फिरौती में 36, दुष्कर्म में 9 और दहेज हत्या की वारदात में दो प्रतिशत की कमी प्रदेश स्तर पर आई है। जो वारदातें हुई हैं उनमें से ज्यादातर वारदात का 24 से 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया गया है। पिछले कुछ माह के अंदर यूपी में अपराध पर नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत किया गया है। उन्हाेंने कहा कि बीती 25 तारीख को अयोध्या में सुरक्षा की जो व्यवस्था प्रदेश पुलिस ने की उससे सुरक्षा की नई भावना जागृत हुई है। डेढ़ साल में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है। खोए हुए बच्चों को भी बड़ी संख्या में ढूंढकर उनके परिवार के सुपुर्द किया गया है। यूपी 100 का रिस्पांस टाइम पहले 23 मिनट था अब 14.53 समय हो गया है। इसे आने वाले समय में 10 मिनट तक लाया जाएगा। गाजियाबाद में डायल एफआईआर की शुरूआत की गई है। जो पायलट प्रोजेक्ट है, इसे प्रदेश के सभी जिलों में लागू करने का विचार किया जा जा रहा है। यूपी 100 को फायर, एंबुलेंस और रेलवे से जोड़ा गया है। जिसके जरिए अब रेल में सफर करने वाले यात्रियों की मदद भी यूपी पुलिस करेगी। प्रदेश में अब पुलिस ने तकनीक का इस्तेमाल करना तेजी से शुरू कर दिया है। जिस वजह से अपराध पर काबू पाने में मदद मिली है। सीसीटीएनएस की मदद से केस डायरी भी मुरादाबाद में आनलाइन तैयार की जा रही है।