असालतपुरा में लावारिस हालत में मिले मासूम की मां होेने का दावा उस महिला ने ही किया है, जो कि उसे अजनबी की चौखट पर छोड़ आई थी। महिला बुधवार को अपने बेटे का हालचाल जानने के लिए पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ है। महिला ने बताया कि वह बेटे की परवरिश नहीं कर सकती है, इस वजह से उसे छोड़ गई थी। महिला के बयान भी बाल कल्याण समिति ने दर्ज किए हैं।
बाल कल्याण समिति की पदाधिकारी नीतू सक्सेना ने बताया कि एक सप्ताह पहले जब मासूम को गलशहीद पुलिस के सुपुर्द असालतपुरा निवासी मेहरूनिशा ने किया था, जब वह भी मेहरू निशा से मिली थी। उसको अपना मोबाइल नंबर दिया था। मेहरूनिशा ने बुधवार को फोन कर बताया कि वह महिला उसे मिल गई है, जो कि बच्चे को उसकी दहलीज पर छोड़ गई थी। दोनों महिलाओं को बाल कल्याण समिति कार्यालय बुलाया गया। मेहरूनिशा के साथ आई दूसरी महिला मोहल्ला मानपुर निवासी है। उसने बताया कि मासूम उसका बेटा है। महिला ने अपने पति का नाम नहीं बताया और उनके बारे में जानकारी देने से इंकार कर दिया है। महिला ने बताया कि वह कपड़े सिलकर बमुश्किल अपना गुजर बसर करती है। बच्चे की परवरिश करने में उसे दिक्कत आ रही थी, इस वजह से उसे मेहरूनिशा के दहलीज पर छोड़कर गई थी। मेहरूनिशा की दो बेटियां है, इसलिए वह चाह रही थी कि लड़के की करे। वह बुधवार को बच्चे का हालचाल लेने के लिए मेहरूनिशा के घर पहुंची थी। जहां पर उसे पता चला कि बच्चा तो अब रामपुर स्थित शिशुगृह में है। महिला ने बताया कि वह चाहती है कि बच्चा सुरक्षित रहे और उसकी अच्छी तरह से परवरिश हो। बाल कल्याण समिति की पदाधिकारी ने बताया कि महिला और उसके परिवार वालों के बारे में जानकारी की जा रही है। इस संबंध में गलशहीद पुलिस को भी जानकारी दी है।