मझोला पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी ‘इश्कजादे’ को गिरफ्तार किया है। वह छह माह पहले किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन थाने से न्यायालय के लिए ले जाते वक्त पुलिस हिरासत से भाग निकला था, जिसके बाद आरोपी पर इनाम घोषित किया गया था।
सीओ सिविल लाइन अपर्णा गुप्ता ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी आरोपी राजा अली उर्फ राजा बाबू निवासी रामतलैया है। उस पर एक किशोरी को अगवा करने का आरोप था। इस संबंध में मझोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। अजमेर से एक मार्च को आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने किशोरी को बरामद किया था। किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। थाने से न्यायालय ले जाते वक्त आरोपी पीली कोठी से पुलिस अभिरक्षा से भाग गया था। इसके बाद दो सिपाही फरीद और गजेंद्र को निलंबित किया था। दोनों सिपाहियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में अभियोग पंजीकृत किया गया था। आरोपी को दिल्ली के मंडावली से मंगलवार को गिरफ्तार किया गया है। वहां पर किशोरी के साथ रहकर वह एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। आरोपी का चालान कर मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
दरोगा बनकर की बात और किशोरी को ले गया था साथ
मुरादाबाद। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद किशोरी को परिवार वालों ने उसकी मौसी के घर भेज दिया था। आरोप है कि पुलिस हिरासत से भागे राजा अली ने किशोरी के मौसेरे भाई को फोन किया और खुद को मझोला थाने का दरोगा बताकर किशोरी से बात की। किशोरी को मिलने के लिए बुलाया और साथ में ले गया था। पकडे़ जाने के बाद आरोपी ने बताया कि वह किशोरी से प्यार करता है, उससे अलग होने के डर से पुलिस हिरासत से भागा था।
वांछित आरोपियों की मुख्य 15 की सूची में शामिल था राजा
मुरादाबाद। राजा वांछित आरोपियों की मुख्य 15 की सूची में शामिल था। सिविल लाइन और भोजपुर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी लेकिन कामयाबी नहीं मिल पा रही थी। सीओ ने आरोपी की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी राजा अली को पूर्व में गिरफ्तार करने वाले रामतलैया चौकी प्रभारी को सौंपी। दो दिन पहले आईजी ने बैठक में भी राजा अली की गिरफ्तार न होने पर सवाल उठे थे।