महिला कल्याण विभाग के कनिष्ठ लिपिक ने लोकसेवक के पद पर रहते हुए कमाई तो करीब 19 लाख रुपये की लेकिन खर्चा सवा करोड़ का कर डाला। भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ जांच की गई तो वह इस सवा करोड़ रुपये का हिसाब नहीं दे सके। प्रथमदृष्टया जांच के बाद उसके खिलाफ शुक्रवार को सतर्कता अधिष्ठान के इंस्पेक्टर ने सिविल लाइन थाने में भ्रष्टाचार के आरोप में नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इससे पहले उस पर कई करोड़ के घोटाले और संविदाकर्मी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है और जेल भी जा चुका है।
सतर्कता अधिष्ठान के इंस्पेक्टर शैलेश कुमार त्यागी ने बताया कि शासन के सतर्कता अनुभाग ने महिला कल्याण विभाग में कार्यरत कनिष्ठ लिपिक चुन्नीलाल के खिलाफ शिकायत मिलने पर खुली जांच के आदेश दिसंबर 2016 में दिए थे। इस जांच के दौरान पाया गया कि लोक सेवक के पद पर रहते हुए चुन्नीलाल ने अपनी आय के समस्य वैध स्त्रोतों से निर्धारित अवधि में 19,02,516 रुपये की आय अर्जित की गई। इस अवधि में चुन्नीलाल ने परिसंपत्तियों के अर्जन एवं भरण पोषण पर 1, 28, 09, 937 रुपये खर्च किए ।
इससे पता चलता है कि चुन्नीलाल ने वैध स्त्रोतों से अर्जित आय के सापेक्ष 1, 09, 07, 421 रुपये का अधिक व्यय किया है। इस रकम के बारे में चुन्नीलाल स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। शैलेश कुमार ने चुन्नी लाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करवाई है।