जेल से कचहरी में पेशी पर आए गैंगस्टर ने मोबाइल पर रंगदारी मांगी है। उसने कॉल कर कई लोगों को धमकाया भी। इतना ही नहीं उसकी ड्यूटी में लगे सिपाहियों ने उसे अकेला छोड़ दिया। यहां उसने पत्नी के साथ घंटों बिताए। इस दौरान कुछ लोगों ने मोबाइल से उसका वीडियो बना ली। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें वह पत्नी के साथ बैठा फोन पर बात करता दिखाई दे रहा है।
गलशहीद निवासी मेहराज को हत्या के मामले में सजा हुई है। वह जमानत पर रिहा हो गया था, लेकिन उसके खिलाफ गैंगस्टर में कार्रवाई की गई। जिसके बाद पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सोमवार को मेहराज को जिला कारागार से कचहरी तारीख पर लाया गया था। पुलिस लाइन का सिपाही उसे सेशन हालात से एडीजे आठ में पेशी पर लेकर गया। लेकिन सिपाही ने कुछ नोटों के चक्कर में अपनी नौकरी दांव पर लगा दी। उसे कचहरी परिसर में सीढ़ियों के पास छोड़ दिया। यहां उसने पत्नी के साथ घंटों बिताए। मुलजिम की हथकड़ी पर कपड़ा बांध दिया था। ताकी उसे कोई पहचान न पाए। वह सीढ़ियों के पास सिपाही भी दूर जाकर खड़ा हो गया था। कुछ लोगों ने मोबाइल से उसका वीडियो बनाया। इसके बाद सिपाही के समझ में आया कि उसका भेद न खुल जाए। इसके बाद उसने गैंगस्टर से मोबाइल छीन लिया। सीओ राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएंगी। सिपाही की लापरवाही सामने आई तो उच्च अफसरों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
पहले भी कचहरी से भाग चुके हैं बंदी
मुरादाबाद। पुलिस वालों की लापरवाही से पेशी पर आए कई बंदी भाग चुके हैं। जेल से पेशी पर आया हत्यारोपी आदित्य सिपाही की लापरवाही का फायदा उठाकर भाग गया था। इसके बाद उसने कई घटनाएं भी कीं। कचहरी से फरार होने के बाद उसने बिजनौर में जाकर लूटपाट और हत्याएं कीं। इसके अलावा एक सिपाही को कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बंदी भाग गया था। तीन दिन बाद वह हकीमपुर रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया, लेकिन बंदी की फरारी में सिपाही निलंबित कर दिया गया था। तीन साल पहले जेल की दीवार कूद कर भागने वाले लाल सिंह ने भी पेशी पर कचहरी में आकर ही योजना बनाई थी। इसके अलावा एक सिपाही तो पेशी पर आये बंदी को वेव सिनेमा में उसकी प्रेमिका के साथ फिल्म दिखाने ले गया था। इनके अलावा भी कई मामले हैं।
चंद नोटों के चक्कर में दांव पर लगा रहे नौकरी
मुरादाबाद। वारदातों की साजिशें सलाखें के अंदर और पेशी के दौरान रची जाती हैं। मोबाइल पर रंगदारी मांगे की घटना हो या फिर हत्या की। ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मैनाठेर में किसान की हत्या की साजिश जेल में रची गई थी। किसान की बेटी और उसके दामाद ने इस घटना को अंजाम दि लाया था। कचहरी में आने पर भी पूरी योजना बनाई जाती थी। इन सिपाहियों की ड्यूटी लगाई जाती है। वह कुछ नोटों के चक्कर में अपनी नौकरी दांव पर लगा रहे हैं।