मुरादाबाद। बुधवार को पकड़ी गई नकली दवाओं के मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की नींद उड़ी है। लोकल एनेस्थेटिक्स आइंटमेंट मुरादाबाद के भोजपुर में ही तैयार हो रही थी। जबकि, एंटी फंगल क्रीम की गाजियाबाद से आ रही थी। शुरुआती छानबीन में नकली दवाओं के धंधे से जुड़े कई लोग औषधि विभाग के रडार पर आ गए हैं। गाजियाबाद और भोजपुर में नकली दवा बनाने वाले और दवाओं की सप्लाई करने वाले एजेंट भूमिगत हो गए हैं।
औषधि विभाग की टीम ने बुधवार को रेती स्ट्रीट स्थित बिंदल मेडिकल एजेंसी और स्टेशन रोड स्थित फेयर मेडिकोज में छापामारी करके करीब साढ़े बारह लाख रुपये कीमत की नकली एंटी फंगल क्रीम और लोकल एनेस्थेटिक्स आइंटमेंट का जखीरा बरामद किया था। छापे की कार्रवाई बिंदल मेडिकल एजेंसी में नकली दवाएं बेचने की शिकायत की पुष्टि होने पर की गई। औषधि विभाग की टीम बिंदल मेडिकल एजेंसी से फेयर मेडिकोज तक पहुंची और वहां से भी नकली दवाएं बरामद की। एंटी फंगल क्रीम गाजियाबाद अल्वी मार्केट, वाल्मीकि बस्ती स्थित गुडविल फार्मेसी से सप्लाई की गई थी।
औषधि विभाग ने देर रात नकली दवाओं के मामले में दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों और गाजियाबाद की कंपनी समेत पांच लोगों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। इनमें दो अज्ञात लोग हैं। पुलिस ने फेयर मेडिकोज के स्वामी जाहिद को गिरफ्तार कर लिया। औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक के मुताबिक शुरुआती छानबीन में अज्ञात लोगों में एक बरबलान निवासी एजेंट और दूसरा भोजपुर स्थित आयुर्वेदिक फैक्ट्री संचालक का नाम सामने आया है। एजेंट नकली दवाओं की मुरादाबाद के मेडिकल स्टोरों में सप्लाई करता था। जबकि भोजपुर में आयुर्वेदिक दवा में एलोपैथिक दवा मिलाकर लोकल एनेस्थेटिक्स आइनमेंट तैयार होती थी। नकली एनेस्थेटिक्स आइंटमेंट भोजपुर से ही मुरादाबाद एवं आसपास के शहरों को सप्लाई की जाती थी। इसका इस्तेमाल शक्ति वर्धक दवा के रूप में किया जा रहा था।
औषधि निरीक्षक ने बताया गुरुवार को टीम ने गाजियाबाद और भोजपुर में छापामारी की। दोनों फैक्ट्री संचालक फरार हैं। दवाओं की सप्लाई करने वाला एजेंट और बिंदल मेडिकल एजेंसी संचालक प्रमोद कुमार श्रीवास्तव भी भूमिगत हो गया है। औषधि निरीक्षक के मुताबिक भोजपुर की आयुर्वेदिक कंपनी का क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी कार्यालय से पंजीकरण और दूसरी जानकारी जुटाई जा रही है। गाजियाबाद और भोजपुर पुलिस से इनकी गिरफ्तारी की मदद ली जा रही है। इनकी गिरफ्तारी से ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा।
नकली दवाएं बेचकर चांदी काट रहे धंधेबाज
छापे में बरामद एंटी फंगल क्रीम मुंबई की एक नामी फार्मा कंपनी के नाम से बेची जा रही थी। कंपनी की ओर से क्रीम नकली बताए जाने के बाद ही बुधवार को छापामारी की गई। पूछताछ में जानकारी मिली कि बिंदल मेडिकल एजेंसी ने 46 रुपये प्रति क्रीम खरीदी। जबकि फेयर मेडिकोज ने 41 रुपये में क्रीम गाजियाबाद से खरीदी है। जबकि प्रिंट सत्तर रुपये है। धंधेबाज नकली क्रीम बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे थे। क्रीम की बाजार में काफी अधिक खपत है।