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व्यापारी की मौत के बाद फूटा गुस्सा..

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मुरादाबाद। कोतवाली के खुशहाल नगर में गुरुवार देर रात हुई कपड़ा व्यापारी ऋषि कत्याल की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी साइकिल कारोबारी राजेश कपूर को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद वह पड़ोसी के घर में जा छुपा था। घटना में इस्तेमाल लाइसेंसी रिवाल्वर भी पुलिस ने बरामद किया है। दो अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ंकपड़ा व्यापारी के चाचा ने घटना में साइकिल कारोबारी, उसके दो बेटों, भाई, बहनोई और दोस्त सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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खुशहाल नगर में गुरुवार को देर रात रास्ते के विवाद को लेकर हुए झगड़े के बाद कपड़ा व्यापारी ऋषि कत्याल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमले में उनके चाचा वीरेंद्र कत्याल और वीरेंद्र का बेटा प्रतीक भी गोली लगने से घायल हुए थे। घायलों को नाजुक हालत में दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोतवाली पुलिस के मुताबिक वारदात में ऋषि कत्याल के चाचा सुभाष कत्याल ने खुशहाल नगर के ही साइकिल कारोबारी राजेश कपूर, उसके भाई भारत कपूर, राजेश के दो बेटों, बहनोई राजकुमार आहूजा निवासी एमडीए और दोस्त राजवीर छावड़ा उर्फ राजा निवासी कोठीवाल नगर के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी राजवीर छावड़ा अपने पिता के साथ एक्सपोर्ट का काम करता है। दूसरे आरोपी राजकुमार आहूजा का कपड़े का व्यापार है। मुख्य आरोपी का भाई भारत भी साइकिल कारोबारी है। पुलिस के मुताबिक घटना के बाद से पड़ोसी के घर में छुपे राजेश कपूर को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार किया गया। पुलिस उसे शनिवार को कोर्ट में पेश करेगी।

‘झगड़ा गुलशन से था, ऋषि बेवजह बीच में आया’
मुरादाबाद। मुख्य आरोपी राजेश कपूर ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत में बताया कि उसके घर के बाहर लगे पोल हटवाने को लेकर पड़ोसी गुलशन कत्याल से गुरुवार को उसका झगड़ा हुआ था। शाम को पुलिस ने दोनों पक्षों का समझौता करा दिया था। राजेश कपूर ने बताया कि गुरुवार को रात करीब 12 बजे गुलशन से ऋषि कत्याल के घर के उसकी गाली गलौज हो रही थी। इसी दौरान ऋषि के परिवार ने एतराज किया कि उनके घर के दरवाजे पर खड़े होकर गाली - गलौज न करें। इसे लेकर कहासुनी हुई और बात बढ़ी तो राजेश कपूर ने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली चला दी। गोली लगने से ऋषि की मौत हो गई। जबकि ऋषि के चाचा वीरेंद्र और चचेरा भाई प्रतीक गोली लगने से घायल हो गए। राजेश कपूर ने बताया कि ऋषि से उसका झगड़ा नहीं था लेकिन बीच में टोकाटाकी करने की वजह से वह उसका निशाना बना।
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ऋषि को लगी थीं दो गोलियां
मुरादाबाद। शुक्रवार को पुलिस ने पंचनामा भरकर ऋषि के शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि ऋषि को दो गोलियां लगी थीं। एक गोली दाएं हाथ में लगी थी तो दूसरी गोली ऋषि के सीने में दिल के पास लगी थी। यह उसके फेफड़ों में फंसी मिली।

कपड़ा व्यापारी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी राजेश कपूर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी रिवाल्वर बरामद कर ली गई है। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। - अमित पाठक, एसएसपी।


जाम लगाकर खून का बदला खून के नारे
मुरादाबाद। कपड़ा व्यापारी ऋषि कत्याल की हत्या के बाद शुक्रवार को लोगों का गुस्सा फट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद ऋषि का शव खुशहाल नगर पहुंचा तो लोगों ने कालोनी के बाहर ही जाम लगा दिया। भड़के लोगों ने खून का बदला खून के नारे लगाए तो पुलिस भी सकते में आ गई। किसी तरह लोगों को समझा - बुझाकर शांत किया गया। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को जानकारी दी कि मुख्य आरोपी पकड़ लिया गया है और अन्य की तलाश तेजी से की जा रही है। परिजनों और अन्य लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि जब पहले से रास्ते को लेकर विवाद था तो पुलिस ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। दिन में झगड़ा होने के बावजूद पुलिस ने कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया।


बेखौफ: थाने से छूटने के छह घंटे बाद ही बरसा दी गोलियां
मुरादाबाद। खुशहाल नगर में हुई कपड़ा व्यापारी की हत्या की वारदात में कोतवाली पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गुरुवार दोपहर भी राजेश कपूर का झगड़ा गुलशन कात्याल से हुआ था। शाम साढे़ पांच बजे दोनों पक्ष कोतवाली पहुंचे थे। लेकिन पुलिस ने इसे मामूली विवाद माना। कोई निरोधात्मक कार्रवाई भी नहीं की। नतीजतन बेखौफ आरोपी ने थाने से जाने के छह घंटे बाद ही गोलियां बरसा दीं।
कोतवाली पुलिस को भी इस बात की जानकारी थी खुशहाल नगर में सड़क पर लगे पोल हटवाने को लेकर पड़ोसियों में आपस में विवाद है। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों का समझौता करा दिया और राजेश को बिना कार्रवाई किए थाने से छोड़ दिया। इस मामले में जांच करने के लिए पुलिसकर्मी मौके पर नहीं गए, दोनों पक्षों से कह दिया कि शुक्रवार को घटनास्थल पर आएंगे। पोस्टमार्टम हाउस पर मिले ऋषि के रिश्तेदार महेश कत्याल ने बताया कि कोतवाली पुलिस की लापरवाही की वजह से राजेश कपूर की हिम्मत बढ़ गई। उसने थाने से छूटने के छह घंटे बाद ही दोबारा से झगड़ा शुरू कर दिया। गली में खडे़ होकर वह गाली गलौज करने लगा और गुलशन को धमकियां देने लगा। आरोपी का घर गली के दूसरे छोर पर है लेकिन वह ऋषि के घर के बाहर खड़ा होकर गाली गलौज कर रहा था, इस बात का विरोध करने पर ऋषि कत्याल की हत्या कर दी गई। उनके भाई और भतीजे को भी गोली मारी गई। हालांकि इस मामले में फिलहाल लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एसपी सिटी अंकित मित्तल ने जांच करवाकर कार्रवाई करने की बात कही है।


निगम ने हटवाए पोल, झगड़ा गुलशन से
मुरादाबाद। खुशहाल नगर में सीवर का काम होने की वजह से राजेश के घर के पास गली के कोने पर लगे चार पोल में से दो पोल को स्थानीय लोगों की शिकायत पर नगर निगम ने हटवा दिया था। क्योंकि चार पोल लगा होने की वजह से वहां से बाइकें नहीं निकल पाती थी। लंबे समय से इसको लेकर विवाद भी था। इस वजह से पोल हटने के बाद बृहस्पतिवार दोपहर राजेश कपूर का झगड़ा पड़ोस में रहने वाले गुलशन कात्याल से हुआ था। राजेश कपूर नही चाहता था कि वहां से वाहनों का आवागमन हो। आरोप है कि गली बंद होने पर वह सड़क पर अतिक्रमण रखता था।


पिता और भाई की जान बचाने को राजेश से भिड़ा प्रतीक
मुरादाबाद। रात 12 बजे ऋषि का परिवार मैच देख रहा था। झगडे़ का शोर सुनकर ऋषि कत्याल, उनके चाचा वीरेंद्र और चचेरा भाई प्रतीक व वीरेंद्र की पत्नी पूनम घर से बाहर निकले। उन्होंने राजेश कपूर को घर के बाहर खडे़ होकर गाली देने से मना किया तो दोनों पक्षों में विवाद हो गया। आरोप है कि राजेश कपूर पक्ष ने लाइसेंसी और अवैध असलहों से फायरिंग कर दी। जिसमें विरेंद्र, प्रतीक और ऋषि जख्मी हो गए। गोली लगने की हालत में भी प्रतीक ने हिम्मत दिखाई। वह राजेश से भिड़ गया और उससे असलहा छीनने की कोशिश की। जिससे कि उसके पिता और भाई की जान बच सके। आरोपियों ने असलहे की बट से प्रतीक को पीटा। प्रतीक को बचाने के लिए उनकी मां पूनम आईं, गली में भीड़ जुटनी शुरू हो गई तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग निकले। घायलों को उपचार के लिए सांई अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने ऋषि को मृत घोषित कर दिया। वीरेंद्र और प्रतीक को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।


आठ साल पहले लगे थे पोल
मुरादाबाद। कोठीवाल नगर, खुशहाल नगर और मालवीय नगर में रास्तों के बीच में पोल लगाए जाने का मामला करीब आठ वर्ष पुराना है। सड़कों पर लगे इन पोल का विरोध सबसे पहले असालतपुरा के लोगों ने किया था। दरअसल इन कालोनियों में बढ़ती छेड़खानी की घटनाओं से परेशान आकर कालोनी के लोगों ने सड़कों पर पोल लगाकर रास्ते ब्लॉक करने का फैसला किया था। ताकि बाइकर्स छेड़खानी के लिए कालोनियों में न घुस सकें। सड़कों पर पोल लगा होने की वजह से बाइक नहीं निकल पाती हैं। कालोनियों में चुनिंदा रास्तों को ही एंट्री के लिए खुला रखा गया है। बाकी गलियों को एंट्रेंस पर ही पोल लगाकर बंद कर दिया गया है।
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