कांठ (मुरादाबाद)। मुस्तकीम हत्याकांड के मामले में तफ्तीश में जुटी पुलिस टीम को प्रथम दृष्टया ये मामला चलती कार में भरोसेमंद द्वारा मुस्तकीम की गला घोंटकर हत्या किए जाने का लग रहा है। ये वही नई कार है,जिससे कलियर में चादर चढ़ाने के लिए वह घर से दो दोस्तों के साथ निकला था। चाचा असलम ने भतीजे मुस्तकीम के आटो चालक दोस्त नईम और उसके भाई फईम के खिलाफ कांठ थाने में हत्या और कार, नकदी लूट का नामजद मुकदमा शुक्रवार को दर्ज कराया है। दोनों आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
असलम ने बताया कि मुस्तकीम 20 मई की शाम चार बजे हरथला हिमगिरी कालोनी निवासी नईम और उसके भाई फहीम के साथ ही कलियर और अजमेर जाने के लिए फरीदपुर हमीर गांव स्थित घर से निकला था। इसके बाद वह हरथला में अपनी ससुराल भी गया, जहां रोजा इफ्तार किया। उस वक्त पत्नी जेवा भी वहीं पर थी। जेवा ने साथ चलने के लिए कहा तो मुस्तकीम ने दोस्तों की वजह से उसे साथ चलने से मना कर दिया। देर शाम को वह ससुराल से निकला, इसके बाद रात को ही उसका मोबाइल बंद हो गया। एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने बताया कि हरथला से निकलने के बाद ही वारदात को अंजाम दिया गया है। एसपी ने बताया कि जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है। उससे अंदेशा है कि चलती कार में मुस्तकीम का गला कार में पीछे बैठे किसी भरोसेमंद ने घोंटा है। ऐसा तभी मुमकिन है जब मुस्तकीम चालक के बगल वाली सीट पर बैठा हो, वारदात में कम से कम तीन लोगों के शामिल होने का अंदेशा है। संदिग्धों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुस्तकीम की दूसरी पत्नी का पड़ोसी है आरोपी दोस्त
मुरादाबाद। हरथला हिमगिरी कालोनी में रहने वाली जेवा से 2011 में मुस्तकीम ने निकाह किया था। जेवा उसकी दूसरी पत्नी है, पहली पत्नी जुबैल इंशापुर मुंडिया गांव की रहने वाली है, जिससे मुस्तकीम ने 2010 में निकाह किया था। परिवार वालों ने बताया कि मुस्तकीम इकलौता बेटा था, पढ़ाई के वक्त उसकी जेवा से दोस्ती हो गई थी। इसलिए निकाह के एक साल बाद ही जब मुस्तकीम ने जेवा से निकाह की बात कही और जिद पर अड़ गया तो परिवार वालों ने उसका निकाह जेवा से कराया था, ससुराल में आने जाने के दौरान ही हरथला हिमगिरी कालोनी में रहने वाले आटो चालक से मुस्तकीम की मुलाकात चार साल पहले हुई थी।
संदिग्ध हत्यारोपी आता-जाता था मुस्तकीम के घर
मुरादाबाद। मुस्तकीम किराए पर आटो और छोटा हाथी चलवाने का काम करता था, जेवा के घर के पास रहने वाले आटो चालक से दोस्ती के बाद मुस्तकीम ने उससे टाटा लोडर किराए पर चलवाया था। जिस वजह से चालक का मुस्तकीम के घर पर भी आना जाना शुरू हो गया था। परिवार वालों ने बताया कि 18 मई को मुस्तकीम ने नई कार खरीदी और दो दिन उनको रिश्तेदारों के घर लेकर गया। 20 तारीख को सुबह वह ससुराल पहुंचा तो वहां रहने वाले आटो चालक दोस्त ने ही उसे कलियर शरीफ और अजमेर चलने का कहा।