मछरिया रेलवे स्टेशन केपास गागन नदी के ऊपर पुल का निर्माण हो या नहीं, इस बारे में रेलमंत्री पीयूष गोयल ने निदेशालय से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों से तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस बारे में कोई फैसला हो सकेगा। इस मामले में तकनीकी अधिकारियों के साथ-साथ रेलवे सुरक्षा बल ने भी पीड़ित परिवार के बयान दर्ज कर लिए हैं। संकेत मिले हैं कि इस बारे में जल्दी ही मंत्रालय निर्णय लेगा।
20 अगस्त को मछरिया रेलवे स्टेशन के निकट ऊना हिमाचल एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर तीन बहनों की मौके पर मौत हो गई थी। उन दिनों प्रशासनिक और रेलवे केअधिकारियों ने पुल बनाने का आश्वासन दिया था। समय बीता तो अफसर पुल का निर्माण भूल गए। पिछले महीने लोकजनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने रेल मंत्री से मछरिया में पुल बनवाने का अनुरोध किया। यह अनुरोध लोक जनशक्ति पार्टी के स्थानीय नेता अरविंद कुमार सिंह राठौर ने चिराग पासान से किया था। उन्होंने पुल निर्माण और पीड़ित परिवार को मदद दिलाने आग्रह किया था। उस केबाद रेलवे के अधिकारियों में गहमा गहमी शुरू हो गई है।
इस मामले में निदेशालय के निर्देश पर आरपीएफ की टीम ने पीड़ित परिवार में मनोज कुमार, लोक जनशक्ति पार्टी के नेता अरविंद कुमार सिंह राठौर, प्रवीण तौमर तथा अनूप कुमार ने अपने अपने बयान दर्ज किए। इन्होंने बयान में मुआवजे के साथ-साथ आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोगों की सुविधा के लिए पुल का निर्माण कराने का अनुरोध किया है। उनकेअनुरोध पर रेलवे प्रशासन की ओर से कार्रवाई का इंतजार है।
रेलवे की इस कार्रवाई से पहले जिला प्रशासन और रेलवे केअधिकारी पुल बनवाने की मांग पर चुप थे। स्थानीय स्तर पर डीएम और डीआरएम से ग्रामीणों ने कई बार अनुरोध किया लेकिन उन्होंने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। चिराग पासवान का पत्र रेल मंत्री के पास पहुंचा तो रेलवे के अधिकारी जांच में जुट गए।