पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में रहने वाले एक एचसीपी की देर रात फंदे पर लटकने से मौत हो गई। परिवार वाले बीमारी से मौत होना बता रहे थे लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की सही वजह का खुलासा हुआ। इसके बाद परिवार वालों ने बताया कि एचसीपी ने चुन्नी से फंदा लगाया था। अब पुलिस ये जांच कर रही है कि एचसीपी ने आत्महत्या क्यों की है? देर रात तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस पारिवारिक विवाद और अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। कमरे में सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है।
सीओ सिविल लाइन राजेश कुमार ने बताया कि शाहजहांपुर के कलान के रहने वाले एचसीपी जयवीर सिंह तोमर (55) पुलिस लाइन में पत्नी कमलेश तोमर और चार बच्चों के साथ रहते थे। जयवीर सिंह पुलिस लाइन स्थित कौशल विकास केंद्र में कार्यरत थे। परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि एचसीपी को हाई ब्लड प्रेशर और शुगर था, वह रात को दवा खाकर सोए थे लेकिन सुबह उनकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिवार वालों ने अंदेशा जताया है कि एचसीपी की मौत बीमारी की वजह से हुई है। सूचना मिलने पर एसपी देहात उदय शंकर सिंह पहुंचे। उनको भी परिवार वालों ने बताया कि जयवीर सिंह सुबह बेसुध हालत में कमरे में थे। उनको अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। एसपी देहात ने एचसीपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया, जिससे की मौत की वजह का पता चल सके। सीओ ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एचसीपी की मौत की वजह फंदे पर लटकने से हुई है। परिवार वालों से इस संबंध में पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि सुबह पांच बजे बेटा अमन सोकर उठा तो उसने पिता को फंदे पर लटकता देखा, उनको मां व परिवार के अन्य लोगों की मदद से फंदे से नीचे उतारा गया। इसके बाद अस्पताल ले जाया गया था। सीओ ने बताया कि शुरूआत में परिवार वालों ने एचसीपी के फंदा लगाने की जानकारी क्यों नहीं दी? ये भी जांच का विषय है।