महानगर में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जा रही है। बिजली चोरी कर कारखाने चलाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं बिजली चोर बेखौफ होकर पंखे, कूलर और एसी का आनंद ले रहे हैं। मंगलवार को विद्युत विभाग की टीम ने पुलिस संग छापे मारी की तो इसका खुलासा हुआ। अभियान के दौरान घरों और कारखाने में 45 जगह बिजली चोरी पकड़ी गई। बिजली विभाग की ओर से बिजली चोरों के खिलाफ थाने में केस दर्ज किया गया है।
मंगलवार को बिजली टीम ने मजिस्ट्रेट और पुलिस के साथ नागफनी क्षेत्र के तहसील स्कूल, अंडेवालान, दौलत बाग, दीवान का बाजार, एस कुमार चौराहा क्षेत्रों में टीम ने बिजली चोरों के खिलाफ कार्रवाई की। ने घरों और कारखानों में बिजली चोरी पकड़ी है। केबिल में कट लगाकर बिजली चोरी की जा रही थी। टीम को कई जगह लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने टीम की इस कार्रवाई का विरोध किया। पुलिस की मौजूदगी में लोग ज्यादा देर हंगामा नहीं कर सके। अधिशासी अभियंता विकास सिंघल ने बताया कि मंगलवार को चलाए गए अभियान में 45 जगह बिजली चोरी पकड़ी गई है। कारखाने और घरों में केबिल में कट लगाकर बिजली चोरी की जा रही थी। सभी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
लाइन लॉस से हर माह विभाग को पंद्रह करोड़ का नुकसान
- लाख कोशिशों के बाद भी नहीं रुक रही बिजली चोरी
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। बिजली चोरी रोकने को बड़े बड़े वादे तो किए जा रहे हैं। लेकिन धरातल पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा। महानगर में 20 से 30 प्रतिशत लाइन लॉस है। कुछ इलाकों में तो 50 से 60 प्रतिशत तक लाइन लॉस है। जिससे विभाग को हर माह 15 से 16 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है। बिजली चोरी की वजह से ही आपूर्ति भी बाधित होती है। लेकिन बिजली विभाग भी बिजली चोरी रोकने में नाकाम साबित हो रहा है।
महानगर में ढाई लाख उपभोक्ता हैं। जिन्हें बिजली सप्लाई देने के लिए 29 बिजली उपकेंद्र हैं। महानगर के तीनों डिवीजन में हर माह औसतन 10 करोड़ यूनिट बिजली खपत होती है। जिसमें दो से तीन करोड़ यूनिट बिजली चोरी हो जाती है। इससे विभाग को हर माह पंद्रह करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। शहर में मकबरा, कटघर, दीवान का बाजार, दौलत बाग, नवाबपुरा, तहसील स्कूल, मुगलपुरा, जीआईसी, गुइंया बाग, इंदिरा चौक, असालतपुरा, गलशहीद में सबसे ज्यादा बिजली चोरी होती है। अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार सिंह ने बताया कि बिजली चोरी रोकने को अभियान चलाए जा रहे हैं। लगातार बिजली चोरी पकड़कर आपूर्ति सुधार किया जा रहा है।