मुरादाबाद। कोविड 19 एल वन अस्पताल को एल टू में अपग्रेड करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। एल टू में 10 वेंटिलेटर और तीन हाई फ्लो नोजल कैनूला वेंटिलेटर इंस्टॉल हो गए हैं। हर बेड तक ऑक्सीजन की लाइन बिछाई जा रही है। वेंटिलेटर संचालन के लिए प्रभारियों के साथ स्टाफ की तैनाती हो गई है। अगले सप्ताह से गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर चालू हो गए हैं। इससे कोरोना के गंभीर मरीजों को एल थ्री (टीएमयू) रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अप्रैल माह से एमसीएच विंग में 18 बेड से कोविड 19 एल वन संचालित हुआ। मरीजों की संख्या के साथ बेड की क्षमता भी बढ़ती गई। अगस्त माह में सरकार ने हर जिले के एल वन को एल टू में बदलने के साथ वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुरादाबाद के एल वन के लिए चार वेंटिलेटर कुछ महीने पहले आ गए थे। लेकिन उनको संचालित करने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ नहीं था। एल टू में बदलने से छह वेंटिलेटर नए आने के साथ वेंटिलेटर की संख्या बढ़कर दस हो गई है। तीन हाई फ्लो नोजल कैनूला वेंटिलेटर भी मिल गए हैं।
एल टू की क्षमता 100 बेड हो गई है। इनमें 20 बेड आईसीयू और 80 नॉन आईसीयू बनाए गए हैं। आक्सीजन हर बेड तक पहुंचाई जा रही है। इसका काम अंतिम चरण में है। जिला अस्पताल के डा. परवीन कुमार और डा. आरके शर्मा को वेंटिलेटर संचालन का प्रभारी बनाया गया है। डा. संजीव बेलवाल की देखरेख में अस्पताल संचालित होगा। एल टू में वेंटिलेटर के लिए तीन एनेस्थेटिक्स, एक चेस्ट फजिशियन, छह स्टाफ नर्स और पैथोलॉजिस्ट की तैनाती हो गई है। सितंबर पहले सप्ताह तक अस्पताल में वेंटिलेटर सुविधा शुरू हो जाएगी।
- कोविड 19 एल टू को अभी एल वन से अपग्रेड किया गया है। एल टू में 10 वेंटिलेटर हो गए हैं। तीन हाई फ्लो नोजल कैनुला (एचएफएनसी) हैं। 100 बेड के अस्पताल में 20 आईसीयू बेड हैं। सितंबर के पहले सप्ताह से वेंटिलेटर सुविधा शुरू हो जाएगी।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।