करीब तीन साल पुराने बहुचर्चित रिंकू हत्याकांड में अदालत ने मकतूल बाहुबली ब्लाक प्रमुख योगेंद्र उर्फ भूरा समेत सभी पांच अभियुक्तों को हत्या के आरोप से बरी कर दिया है। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में चार अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया।
जबकि पांचवें और मुख्य अभियुक्त योगेंद्र उर्फ भूरा की इसी मुकदमे के ट्रायल के दौरान पुलिस कस्टडी में अदालत के दरवाजे पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। बिलारी थाना क्षेत्र के गांव नवैनी गद्दी निवासी छात्र नेता रिंकू चौधरी छात्र राजनीति में सक्रिय होने के साथ - साथ जरायम की दुनिया में भी तेजी से कदम बढ़ा रहा था।
अपराध की दुनिया में उसकी ख्याति एक शार्प शूटर के रूप में दूर तक फैल चुकी थी। किसी जमाने में वह भूरा का दाहिना हाथ माना जाता था। लेकिन बाद में दोनों में अनबन हो गई थी। जब रिंकू की हत्या हुई तो भूरा को ही मुख्य अभियुक्त बनाया गया था।
बहुचर्चित नागेंद्र चौधरी उर्फ रिंकू हत्याकांड के मुकदमे का ट्रायल अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में हुआ। लेकिन ट्रायल के दौरान एक - एक करके सभी गवाह बयानों से मुकर गए। इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज विश्नोई ने अदालत में दलीलें दीं।
सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सभी अभियुक्तों को साक्ष्यों के अभाव में निर्दोष मानते हुए दोषमुक्त कर दिया। इस हत्याकांड में भूरा की हत्या हो चुकी है जबकि दो अभियुक्त मोनू और हिमाचल जमानत पर हैं। दो अभियुक्त संजीव चौधरी और रिजवान प्रधान अभी भी जेल में बंद हैं।
रिंकू हत्याकांड
चार मार्च 2013 को सिविल लाइन थाना क्षेत्र में विवेकानंद के पास छात्र नेता नागेंद्र उर्फ रिंकू चौधरी की सरेशाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में रिंकू के पिता ने डिलारी के तत्कालीन ब्लाक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा, मोनू, हिमाचल, संजीव, सुशील चौधरी और रिजवान प्रधान को नामजद किया था। सुशील ने अपना नाम तफ्तीश में निकलवा लिया था।
पुलिस ने करीब एक साल बाद संजीव चौधरी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। जिसके बाद जनवरी 2014 में भूरा और अन्य अभियुक्तों ने भी सरेंडर कर दिया था। इसी मुकदमे में जेल में बंद भूरा को पुलिस 23 फरवरी 2015 को कोर्ट में पेशी के लिए जेल से कचहरी लाई थी, जहां अदालत के दरवाजे पर पुलिस कस्टडी में भूरा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी।
गैंगस्टर में जमानत के बाद होगी रिहाई
रिंकू हत्याकांड में जिला जेल में बंद संजीव चौधरी अभी जेल में ही रहेगा। हत्या में दोषमुक्त होने के बाद भी उसे तब तक रिहाई नहीं मिलेगी जब तक वह गैंगस्टर के मुकदमे में जमानत नहीं पा लेता। रिंकू हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त भूरा की जब कचहरी में गोली मारकर हत्या की गई तो उस वक्त संजीव मौके पर था और वह वारदात का चश्मदीद है। रिंकू हत्याकांड का दूसरा अभियुक्त रिजवान प्रधान गाजियाबाद जेल में बंद है।
भूरा को गोलियों से भूनने वाले भी जेल में
भरी कचहरी अदालत के गेट पर योगेंद्र भूरा को गोलियों से भूनने वाले सुमित और पंकज व दो अन्य अभियुक्त भी जेल में बंद हैं। सुमित और पंकज इस वक्त बदायूं जेल में बंद हैं। जबकि रामवीर और नेमपाल मुरादाबाद जिला जेल में ही बंद हैं।