वर्तमान में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में एसीपी के पद पर कार्यरत चक्रमणि त्रिपाठी के खिलाफ वारंट जारी किए हैं। त्रिपाठी बार-बार समन जारी होने के बाद भी अदालत में हाजिर नहीं हुए। अदालत ने मंगलवार को वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया है कि अग्रिम आदेशों तक सीओ चक्रमणि त्रिपाठी का वेतन रोक दिया जाए।
मुरादाबाद की अदालत का आदेश न मानना वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के एसीपी को भारी पड़ गया। अदालत ने न सिर्फ एसीपी के खिलाफ वारंट जारी किए हैं, बल्कि अग्रिम आदेश तक वेतन रोके जाने का आदेश भी पुलिस विभाग को दिया है।
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मामला बिलारी थानाक्षेत्र में वर्ष 2016 में हुए वाकये का है। थाना बिलारी में हरिराम ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी पुत्री नीरज की दहेज को लेकर उसके पति छत्रपाल ने हत्या कर दी थी। इसकी विवेचना तत्कालीन बिलारी थाना प्रभारी चक्रमणि त्रिपाठी द्वारा की गई थी।
उक्त मुकदमा अपर जिला जज द्वितीय पुनीत गुप्ता की अदालत में विचाराधीन है। इसमें सात गवाहों ने अदालत में आकर अपनी गवाही दी, लेकिन मुकदमे के विवेचक को बार-बार समन जारी हुए लेकिन वह अदालत में हाजिर नहीं हुए।
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पदोन्नत के बाद चक्रमणि त्रिपाठी वर्तमान में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में एसीपी के पद पर कार्यरत हैं। समन के बाद भी पेश न होने पर अदालत ने मंगलवार को वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया है कि अग्रिम आदेशों तक सीओ चक्रमणि त्रिपाठी का वेतन रोक दिया जाए। उनके खिलाफ वारंट भी जारी कर दिया है। मुकदमे में सुनवाई के लिए अदालत ने अब 11 अगस्त की तारीख तय की है।