चंदौसी के पांच साल पुराने चर्चित चंदा बी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राम अचल यादव की अदालत में मुलजिम पति कामिल को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। संभल जनपद के चंदौसी थानाक्षेत्र के मोहल्ला जरई गेट की रहने वाली चांद बी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी मां चंदा बी का निकाह 23 वर्ष पहले रईस अहमद के साथ हुआ था। बीमारी के कारण रईस की मौत हो गई थी। इसके बाद चंदा बी ने चंदौसी जरई गेट क्षेत्र के रहने वाले कामिल से दूसरा निकाह कर लिया था।
लेकिन निकाह के कई वर्ष बाद भी चांद बी के कोई संतान नहीं हुई, तब दोनों के बीच में विवाद रहने लगा था। इसी विवाद के चलते रईस ने चंदा बी की हत्या कर दी और लाश को दफन कर दिया। किसी को इस घटना की जानकारी भी नहीं दी। जब चांद बी अपनी मां से मिलने गई तो उसे घटना की जानकारी हुई थी। उसने थाना चंदौसी में जून 2013 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक माह बाद आरोपी की निशानदेही पर लाश को बरामद कर पोस्टमार्टम कराया था।
इस केस की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राम अचल यादव की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रज राज सिंह ने पक्ष रखा। अदालत ने पुख्ता सबूतों के आधार पर रईस को हत्या एवं सुबूत मिटाने में दोषी ठहराया दिया। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।