फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कच्ची शराब बनाने के दोषी को दस साल की कैद

विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
विज्ञापन

सिविल लाइंस के आदर्श कालोनी में यूरिया से कच्ची शराब बनाने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तीन लल्लू सिंह की अदालत ने मुलजिम अशोक को दस साल की कैद की सजा सुनाई है, जबकि 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।

विज्ञापन


सिविल लाइंस के आदर्श कालोनी में 20 फरवरी 2010 को सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पचौरी ने पुलिस टीम के साथ एक घर में दबिश देकर शराब बनाने के आरोप में आरोपी अशोक और पवन को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मौके से शराब बनाने के उपकरण और कच्ची शराब बरामद की थी, जबकि कई भट्ठियां भी तोड़ी गई थीं।

इस मामले में एसआई सुरेंद्र पचौरी ने पवन और अशोक के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में 60 आबकारी अधिनियम और 272 आईपीसी के तहत केस दर्ज कराया था। इसके अलावा मौके से बरामद कच्ची शराब के सैंपल जांच के लिए आगरा फोेरेंसिक लैब भेजे गए थे।
विज्ञापन


फोरेंसिक रिपोर्ट से पता चला था कि शराब बनाने के लिए यूरिया भी मिलाया गया था। पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी अशोक और पवन के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। मुलजिम अशोक की फाइल की सुनवाई एडीजे तीन लल्लू सिंह की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार चौहान ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने को दलीलें दीं।

अदालत ने मुलजिम अशोक को दोषी करार देते हुए 60 आबकारी अधिनियम में दो साल और 272 आईपीसी में दस साल की कैद की सजा सुनाई, जबकि 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतने होगी। इस केस से संबधित दूसरे मुुलजिम पवन की फाइल की सुनवाई अन्य अदालत में चल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें