अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम लल्लू सिंह की अदालत ने संभल के किसान साबिर हत्याकांड में मंगलवार को फैसला सुनाया। अदालत ने हत्याकांड में मुलजिम नन्हें और उसके दो बेटे जियाबुल हक व कमरूल हक और चौथे मुलजिम जावेद को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि चारों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह घटना संभल जनपद के कुढ़ फतेहगढ़ थानाक्षेत्र के रहोली गांव में 30 अगस्त 2015 को हुई थी। केस की वादी मोमीना ने गांव के ही नन्हें उसके दो बेटे जियाबुल हक और कमरूल हक व गांव के ही जावेद के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।
महिला ने बताया कि नन्हें से जमीन को लेकर उनका विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन सुबह आठ बजे उसके पति साबिर और बेटा जुनैद खेत पर चारा लेने गए थे। तब चारों आरोपी सूखे पेड़ से लकड़ी काट रहे थे।
साबिर और उसके बेटे ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। साबिर की पीट पीट कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश पूरी करने के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
इस केस की सुनवाई एडीजे प्रथम लल्लू सिंह की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिमों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने को दलीलें दीं।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम नन्हें, जियाबुल हक, कमरूल हक और जावेद को हत्या में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। चारों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित भी किया गया।