मुरादाबाद। 2014 में कांठ कस्बे से सटे गांव अकबरपुर चैंदरी में एक मंदिर से लाउडस्पीकर हटाए जाने के विवाद के बाद हुए कांठ बवाल में सोमवार को कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह और शहर विधायक रितेश गुप्ता समेत कई भाजपा नेताओं की कोर्ट में पेशी हुई। एडीजे - द्वितीय की अदालत में इस मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। सोमवार को घटना के वक्त कांठ थाने में तैनात रहे दरोगा कपिल सिंह की गवाही हुई। अब इस मामले की अगली सुनवाई सात फरवरी को होगी। केस वादी कांठ थाने के तत्कालीन एसओ को भी नोटिस जारी कर पेश होने का आदेश कोर्ट ने दिया है।
कांठ के गांव अकबरपुर चैंदरी में एक मंदिर से लाउडस्पीकर जबरन हटाने को लेकर बवाल हो गया था। भाजपा ने मंदिर से लाउडस्पीकर हटाए और विरोध करने पर अनुसूचित जाति की महिलाओं की पुलिस पिटाई के विरोध में चार जुलाई 2014 को कांठ में महापंचायत बुलाई थी। जिला प्रशासन ने महापंचायत की अनुमति नहीं दी थी। महापंचायत को रोकने के विरोध में जमकर हंगामा हुआ था। पथराव और लाठीचार्ज भी हुआ था। इस दौरान रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शनकारियों को दौड़ाने की कोशिश कर रहे मुरादाबाद के तत्कालीन डीएम की आंख भी पथराव में फूट गई थी। गुस्साई पुलिस ने भाजपाइयों की धरपकड़ को अभियान चलाया था। मामले में तीन केस दर्ज किए गए थे। जिसमें सवा सौ नामजद और सैकड़ों अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया था। इसमें भूपेंद्र सिंह, रितेश गुप्ता समेत तमाम भाजपाइयों के नाम भी थे। केस की सुनवाई एडीजे दो/ स्पेशल जज अनिल कुमार वशिष्ठ की अदालत में सोमवार से शुरू हो गई। दरोगा कपिल सिंह ने पहले गवाही दी। सोमवार को केबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह, शहर विधायक रितेश गुप्ता, दिनेश ठाकुर, विकास जैन, नरेंद्र सिंह, गिरीश त्यागी, मुनीश चौहान, शक्ति सिंह समेत अन्य आरोपी भी अदालत में पेश हुए। अधिवक्ता सुधीर गुप्ता ने बताया कि सात फरवरी को अगली सुनवाई होगी।