होमगार्ड की भर्तियां सवालों के घेरे में आ गईं हैं। मुख्यालय स्तर से पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए बरेली के डिवीजनल कमांडेंट ने तमाम गड़बड़ियों की रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी थी। भर्ती बोर्ड में शामिल अधिकारियों में अनुभव की भी कमी बताई गई। हालांकि उनकी इस रिपोर्ट पर कोई एक्शन तो नहीं हुआ है मगर उनसे जरूर पर्यवेक्षक का काम छीनकर सहारनपुर की डिप्टी कमांडेंट को दे दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में तीन हजार होमगार्ड की भर्तियां की जानी हैं। कई जिलों में प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुरादाबाद मंडल में भी 163 से ज्यादा की भर्तियां की जानी हैं। सबसे पहले बिजनौर में 48 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके लिए मुख्यालय ने डिवीजनल कमांडेंट होमगार्ड बरेली को पर्यवेक्षक अधिकारी बनाकर बिजनौर भेजा था। डिवीजनल कमांडेंट संजीव कुमार शुक्ल ने 22 मई को बिजनौर का दौरा किया।
उन्होंने पांच बिंदुओं पर अपनी निरीक्षण आख्या तैयार करके मुख्यालय को भेजी जिसमें भर्ती प्रक्रिया पर ही सवाल उठाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजनौर में होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया जूनियर हाईस्कूल में चल रही थी। अधिकारी यहां से 60 मीटर दूर पेड़ के नीचे बैठे थे। नियुक्तियों के लिए जो विज्ञप्ति निकाली गई थी उसमें आरक्षण की स्थिति में काफी अंतर था। नई विज्ञप्ति में तो 15 रिक्तियां ही कम दर्शायी गईं थीं। सर्वाधिक गंभीर तथ्य यह है कि नई विज्ञप्ति में पुरानी विज्ञप्ति के आवेदनकर्ताओं के फार्म भी निरस्त कर दिए गए जबकि इनका कोई दोष नहीं था। कई दूसरे सवाल भी उठाए गए।
खास बात यह है कि इस रिपोर्ट के मुख्यालय पहुंचने पर संजीव कुमार शुक्ल से पर्यवेक्षक का काम छीन लिया गया। उनके स्थान पर सहारनपुर की डिप्टी कमांडेंट जनरल होमगार्ड को लगा दिया गया है। इसे लेकर भी विभाग में चरचा है।