कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण ने पूरे देश को संकट में डाला हुआ है। इससे हो रही मौतों से कई परिवार टूटकर बिखर गए हैं। अपनों को खोने का दर्द कोई अपना ही जान सकता है। ऐसे में पहले पिता और फिर छह घंटे बाद बड़ी बहन की मौत के बावजूद अगले ही दिन ड्यूटी पर आ जाना हर किसी के लिए संभव नहीं है लेकिन गजरौला थाने की चौपला पुलिस चौकी इंचार्ज एसआई संत कुमार अपने दिल पर पत्थर रखकर तभी से यहां दिन-रात ड्यूटी कर रहे हैं। बोले- पहले भारता माता और खाकी का फर्ज निभाएंगे। बाद में रिश्तों का कर्ज चुकाएंगे। इस बीच उनके लिए एक और बुरी खबर आई कि रविवार को उनकी मां की भी मृत्यु हो गई।
गजरौला थाने की चौपला चौकी इंचार्ज एसआई संत कुमार ने बताया कि वह मूल रूप से गांव कुरालसी जिला मुजफ्फरनगर निवासी हैं। एक मई को उन्हें सूचना मिली की बीमार चल रहे पिता शेर सिंह (86) का स्वर्गवास हो गया है। वह आकस्मिक अवकाश लेकर गांव पहुंचे। पिता के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल ही रही थीं कि बड़ी बहन सोमवती (55) के भी निधन की खबर आ गई। परिवार में एक साथ दो मौतों ने उन्हें तोड़कर रख दिया था। इसके बावजूद पिता का अंतिम संस्कार कर वह अगले दिन ड्यूटी पर आ गए।
बोले- इस समय पूरा देश कोरोना के संकट से जूझ रहा है। पुलिस के कंधों पर भी बड़ी जिम्मेदारी है। पुलिस सड़कों पर रहेगी तभी तो लोग घरों में सुरक्षित रहेंगे। यही सोचकर भारत माता और खाकी का फर्ज निभा रहे हैं। रिश्तों का कर्ज फिर कभी अदा कर देंगे। भावुक होकर एसआई संत कुमार ने बताया कि पिता और बहन की आरिष्टी 13 मई को है। इस बीच उनके लिए एक और बुरी खबर आई। रविवार को उनकी मां ने भी दम तोड़ दिया।
वहीं इस संबंध में जानकारी करने पर इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने बताया कि थाने में कई पुलिसकर्मियों को अवकाश की दरकार है। वह स्वयं कई माह से अवकाश पर नहीं गए हैं। कोरोना काल में पुलिस की जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। अवकाश भी बंद हैं। ऐसे में पुलिसकर्मी घर से कोसों दूर होते हुए भी अपना फर्ज निभा रहे हैं।