डॉक्टर का कहना है कि मंगलवार सुबह तक युवक की डायबिटीज भी नियंत्रण में आ गई थी, लेकिन फिर अचानक उसे सांस लेने में ज्यादा दिक्कत होने लगी। जबकि डायबिटीज नियंत्रण में आने के बाद सांस फूलने का कोई दूसरा मेडिकल कारण नहीं था।
स्थिति बिगड़ती देख भर्ती करने के 10 घंटे के अंदर ही उसे वेंटिलेटर पर ले जाना पड़ा था। बिना किसी ज्ञात मेडिकल कारण के मरीज को सांस लेने में आई अप्रत्याशित दिक्कत से डॉक्टरों को उसके कोरोना संक्रमित होने की आशंका हुई और उन्होंने इसकी सूचना कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. डीके प्रेमी को दी।
इसके बाद जिला अस्पताल से गई टीम ने मंगलवार को मरीज का कोरोना सैंपल लिया था। इसे जांच के लिए भेजा गया है। मरीज को तुरंत आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। डॉक्टर ने बताया कि मंगलवार रात उसकी मौत हो गई।