मुरादाबाद। तड़के करीब चार बजे थे। हिमगिरी कालोनी में कोरोना पॉजिटिव निकले रेस्त्रां मालिक की बेटी ने अमर उजाला को फोन किया। इतनी सुबह आए फोन से संशय में पड़े रिपोर्टर ने कॉल रिसीव कर हेलो बोला। इतना सुनते ही दूसरी तरफ से किसी के फफक-फफक कर रोने की आवाज आने लगी। फोन पर रो रही यह लड़की कोरोना पॉजिविट रेस्त्रां मालिक की बेटी थी। इसके बाद उसने अमर उजाला के माध्यम से समाज से जो सवाल किए वो सभी को आइना दिखाने वाले थे। लड़की ने कहा कि मेरा पापा और भाई पॉजिटिव हैं तो इसमें हमारा क्या कसूर। हम होम क्वारंटीन हैं लेकिन हमारे छत पर जाने पर भी लोग मुंह बनाते हैं। घर में दूध, सब्जी आटा तक देने कोई नहीं आता। कंट्रोल रूम पर कई बार फोन किया पर वहां भी सुनने वाला कोई नहीं।
मंगलवार को रेस्त्रां मालिक के बेटे की पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर बेटी और पत्नी ने उसे अस्पताल भेजने से मना कर दिया। बेटी ने कहा कि उसके पिता किस हाल में हैं, आज तक जानकारी नहीं दी गई। उनसे कोई संपर्क नहीं कराया गया। बेटी की जिद पर स्वास्थ्य विभाग की टीम रेस्त्रां मालिक के बेटे के साथ बेटी और पत्नी को भी एंबुलेंस से अस्पताल तक ले गई। बेटे को अस्पताल में भर्ती करवाने के बाद एंबुलेंस पत्नी और बेटी को घर छोड़ गई। बेटी ने आरोप लगाया कि कालोनी के लोगों ने परिवार को ताने मारे और अपनों के घरों के आगे धुलवाई तक करवाई। छत पर जाने पर उनका उपहास उड़ाते हैं। पुलिस-प्रशासन से भी कोई मदद नहीं मिली है। आहत बेटी ने अमर उजाला में फोन कर कहा कि खाने के लिए राशन नहीं है। पांच दिन से सब्जी नहीं बनी है। दूध, चीनी और चाय पत्ती भी खत्म हो गई है।
संक्रमित रेस्त्रां मालिक की बेटी का दर्द, नहीं मिली कहीं से कोई मदद
- 6 मई से 11 मई तक टीएमयू में 12 कॉल की। छह कॉल रिसीव हुई, लेकिन पिता की जानकारी नहीं दी गई।
- 10 मई को 112 इमरजेंसी नंबर पर कॉल की। कोई मदद नहीं पहुंची।
- 11 मई को डीएम कार्यालय कंट्रोल रूम में फोन किया। फोन ही रिसीव नहीं हुआ।
- 12 मई को कोरोना हेल्पलाइन पर आठ बार फोन किया। इनमें दो बार बात हुई, लेकिन मदद नहीं मिली।
- 10 मई को 1076 नंबर पर 10 बार राशन के लिए कॉल की। तीन बार कॉल उठी। राशन कार्ड के बारे में पूछताछ जरूर की, लेकिन राशन नहीं पहुंचा।