मुरादाबाद। कोरोना वायरस उम्र और मजहब देखकर नहीं बल्कि लापरवाही देखकर आपको चपेट में लेता है। मुरादाबाद में भी हाल कुछ ऐसा ही है। मुरादाबाद में संक्रमित लोगों के आंकड़े इस गलतफहमी को दूर करने के लिए काफी है। यहां ज्यादातर युवा कोरोना की चपेट में आए हैं जो इस मुगालते में थे कि वो जवान हैं और उनकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। करीब 60 फीसदी संक्रमित लोगों की उम्र 20 से 40 साल के बीच है। ये सभी अपनी ही लापरवाही से कोरोना की चपेट में आए हैं।
किडनी, लीवर, हार्ट, शुगर, कैंसर, टीबी और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को कोरोना आसानी से अपनी चपेट में लेता है। इनमें सामान्य लोगों की तुलना में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। कोरोना संक्रमित होने पर इन्हीं लोगों को वेंटीलेटर की जरूरत पड़ती है। मुरादाबाद में 90 फीसदी से अधिक संक्रमित लोगों में कोरोना के लक्षण ही नहीं उभरे हैं। इसकी चपेट में 120 लोग आ चुके हैं। इनमें मुरादाबाद के 116 मामले हैं। संक्रमित होने वालों में 60 फीसदी की उम्र 20 से 40 साल के बीच है। 10 फीसदी संक्रमित 20 साल से कम हैं। 30 फीसदी की उम्र 40 साल से अधिक है।
सीएमओ डा. एमसी गर्ग बताते हैं कि संक्रमण की चपेट में आने वाले 60 फीसदी लोग जवान जरूर हैं। उम्रदराज लोगों की तुलना में उनकी इम्यूनिटी भी मजबूत है। इसके बाद भी संक्रमण की चपेट में आए हैं। वह अपनी लापरवाही के चलते संक्रमित हुए हैं। न केवल खुद को बल्कि परिवार के लोगों को भी बीमार बनाया है। लोग अभी भी नहीं समझे तो आने वाले दिनों में हालात तेजी से खराब हो सकते हैं।
21 दिन की मियाद पूरी होगी जरूर, नहीं मिलेगी ढील
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। रेड जोन में शामिल मुरादाबाद के एक हॉटस्पॉट इलाके में 21 दिन की मियाद पूरी हो गई है। दो अन्य इलाकों में भी बुधवार तक मियाद पूरी हो जाएगी। इन इलाकों में ढील देने को लेकर स्वास्थ्य विभाग संशय की स्थिति में है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि हॉटस्पॉट से ही संक्रमण की चेन पर ब्रेक लगा है। ढील मिलते ही संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ेगी। हॉटस्पॉट मुक्त करने का फैसला प्रशासन करेगा।
कोरोना संक्रमित वाले इलाकों को हॉटस्पॉट बनाकर सील किया है। 21 दिन के भीतर नया केस नहीं आने पर ही हॉटस्पॉट क्षेत्र में ढील और रेड जोन वाले जिले ग्रीन जोन में आ सकते हैं। मुरादाबाद में 19 हॉटस्पॉट इलाके हैं। इनमें लाल नगरी में 21 दिन से कोई नया केस नहीं आया है। वहीं गोविंद नगर में 20 अप्रैल को रिटायर्ड एएनएम की कोरोना से मौत हुई थी। काजीपुरा में 21 अप्रैल को कोरोना संक्रमित मजदूर मिला था। इन दोनों इलाकों में भी कोई नया केस नहीं आया है। सीएमओ डा. एमसी गर्ग का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग फिलहाल जिला प्रशासन को कोई रिपोर्ट नहीं देगा। प्रशासन अपने स्तर पर हॉटस्पॉट मुक्त करने का फैसला करेगा।