मुरादाबाद। बिना सैंपल कराए राशन डीलर और रिटायर्ड शिक्षक को कोरोना संक्रमित बना देने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की कार्य प्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। सवाल उठता है कि डिलारी सीएचसी के एलटी ने किसका सैंपल लिया और संक्रमत कौन है...विभाग को कुछ पता नहीं है। ऐसे में विभाग की निगरानी से दूर संक्रमित संक्रमण बांट रहा होगा।
डिलारी थानाक्षेत्र के गांव महमूदपुर लाल निवासी राशन डीलर नसीम अहमद ने दो अप्रैल को गांव के ही सेवानिवृत्त खेमपाल सिंह और अन्य लोगों के साथ डिलारी सीएचसी में कोरोना से बचाव का टीका लगवाया था। सोमवार शाम नसीम अहमद और खेमपाल के मोबाइल पर डिलारी सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मी ने कॉल करके दोनों को कोरोना संक्रमित होना बताया। कोरोना संक्रमित की सूचना पर दोनों सकते में आ गए। नसीम अहमद और खेमपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने कोरोना टेस्ट के लिए जब सैंपल नहीं दिया तो वह पॉजिटिव कैसे आ गए। सोमवार आई रिपोर्ट में दोनों के बकायदा नाम, मोबाइल नंबर भी दर्शा दिए गए। यहीं नहीं सैंपल डेट तीन अप्रैल भी दर्शा दिया गया। राशन डीलर और रिटायर्ड शिक्षक की जगह किसका सैंपल लिया गया, इसका पता मंगलवार को भी पता नहीं चल सका। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच पड़ताल में जुटी है।
सवाल
- राशन डीलर और रिटायर्ड शिक्षक की जगह किसका सैंपल लिया गया
- सैंपल लेने के दौरान मोबाइल नंबर की तस्दीक क्यों नहीं की गई
- जिसका सैंपल लिया गया, वह दोनों संक्रमित कहां हैं
- आगे ऐसी गलती न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग का अगला कदम क्या होगा
- प्रकरण की जांच की जा रही है। रिटायर्ड शिक्षक और राशन डीलर का एंटीजन टेस्ट कराया गया है। रिटायर्ड शिक्षक का आरटीपीसीआर टेस्ट केलिए सैंपल लिया गया है। राशन डीलर का भी आरटीपीसीआर टेस्ट कराएंगे। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
राशन डीलर और रिटायर्ड शिक्षक का कराया गया एंटीजन टेस्ट
डिलारी। राशन डीलर और रिटायर्ड शिक्षक का बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम एंटीजन टेस्ट कराया गया। दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई। बाद में रिटायर्ड शिक्षक का आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिया गया है। वहीं राशन डीलर ने आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल देने से मना कर दिया।
नाम, पता सब फर्जी, पॉजिटिव महिला लापता
डिलारी। कोरोना की दूसरी लहर में पॉजिटिव आई फरीदपुर कासम गांव निवासी महिला लापता पाई गई है। सीएचसी प्रभारी डा. विशाल दिवाकर ने बताया कि सैंपल पर दर्ज कराया गया मोबाइल नंबर दूसरे गांव का है। इस नाम की महिला फरीदपुर कासम गांव में कोई नहीं है। मोबाइल नंबर ट्रेस करने पर पता चला कि वह एक दुकानदार का नंबर है।
कैमरे की निगरानी में लिए सैंपल
डिलारी। सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों ने मंगलवार को सैंपल लेते हुए लोगों को की फोटो अपने मोबाइल में कैद किए हैं। सीएचसी प्रभारी डा. विशाल दिवाकर ने बताया कि यह फोटो सैंपल की रिपोर्ट आने तक सुरक्षित रखी जाएंगी। आरटीपीसीआर जांच के लिए 48 सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। साथ ही 49 लोगों के एंटीजन टेस्ट हुए सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।