मुरादाबाद। गिरते तापमान और प्रदूषण के बीच कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कमी आई है। जबकि सैंपल की संख्या बढ़ती जा रही है। अगस्त और सितंबर की तुलना में अक्तूबर में संक्रमित मरीजों की संख्या कम रही। अगस्त में पॉजिटिव केस 3226 रहे तो सितंबर में ये संख्या 3297 हो गई। वहीं अक्तूबर में 1833 मरीज संक्रमित मिले। जबकि अक्तूबर में सबसे अधिक 100634 सैंपलिंग कराई गई। संक्रमण की रफ्तार में आई कमी हो लोग कोरोना का खात्मा मानने लगे हैं। यही वजह है कि बाजारों में सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ाई जा रही है। लेकिन ऐसा नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि हर महामारी दोबारा जरूर आती है। पलट वार करती है। वहीं सर्दियों में इस बीमारी का क्या रूप होगा, ये किसी को पता नहीं है। आंकड़ों के हिसाब से इसके खत्म होने का आकलन न करें। लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऐसे में सोशल डिस्टेंस के साथ हैंड सैनिटाइजेशन और मास्क का जरूरत इस्तेमाल करें।
- कोरोना का असर फेफड़ों पर पड़ता है। सांस की दिक्कत बढ़ जाती है। मरीज कम होने का मतलब कोरोना खत्म होना नहीं है। हर महामारी लौट कर आती है। यूरोप में कोरोना का दूसरा फेज शुरू हो गया है। ऐसे में एहतियात बरतना चाहिए। हैंड सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंस और मास्क का इस्तेमाल करें। - डा. सीपी सिंह, फिजीशियन
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- सैंपलिंग लगातार बढ़ाई जा रही है। संक्रमित मरीजों की संख्या में गिरावट आई है। लेकिन कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में लापरवाही न करें। सर्दियों में ये वायरस क्या रूप लेगा, किसी को पता नहीं है। थोड़ी बहुत वापसी तो जरूर करेगा। आने वाली सर्दी काफी सावधानीपूर्वक बिताने वाली हैं।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
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- कोरोना खत्म नहीं हुआ है। इसका ट्रांसमिशन बहुत तेज होता है। सर्दियों में इसका क्या प्रभाव होगा, ये कहना मुश्किल है। स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी है। तापमान में गिरावट के साथ कोरोना में कमी जरूर आई है, लेकिन खत्म नहीं हुआ है। एहतियात बरतें। सोशल डिस्टेंस अपनाएं। - डा. संजीव बेलवाल
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- गर्मियों के बाद कोरोना वायरस सर्दियों में क्या रूप लेगा, इसे लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। लेकिन ये जरूर है कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। कोरोना की दूसरी पारी कितनी प्रभावी होगी, ये बता पाना मुश्किल है। लेकिन तैयारी पूरी है। नए सिरे से ट्रेनिंग शुरू कराई जा सकती है।
- अजीजुर्रहीम, डिस्ट्रिक एपेडियोलॉजिस्ट