वारियर्स को सैल्यूट
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पत्नी की आइसोलेशन ड्यूटी और पति लेता है कोरोना सैंपल
पिता बनाते हैं जिला अस्पताल की मैस में खाना और बेटे की कोरोना ड्यूटी
लॉकडाउन के बाद यानी 43 दिन से नहीं मिले हैं पति पत्नी
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। वैश्विक महामारी कोरोना की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग के वारियर्स का सबसे अहम योगदान है। वारियर्स जान जोखिम में डालकर अपना फर्ज निभा रहे हैं। एक्टिव और पैसिव क्वारंटीन होने से कोई महीने भर से घर नहीं लौटा है। कोई घर जाकर भी अपनों के बीच साथ नहीं बैठ पा रहा है। मुरादाबाद में अन्य वारियर्स के अलावा दो ऐसे परिवार भी हैं जिनमें पति एवं पत्नी और पिता एवं बेटा कोरोना ड्यूटी कर रहे हैं। ड्यूटी के चलते दोनों परिवार अलग-अलग रहने को मजबूर हैं।
अमित कुमार दोहरे जिला अस्पताल में लैब टेक्नीशियन हैं। कोरोना आशंकित और आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों के रिपीट सैंपल लेते हैं। अमित की पत्नी प्रतिभा सहारनपुर राजकीय मेडिकल कालेज में स्टाफ नर्स हैं। प्रतिभा भी आइसोलेशन ड्यूटी कर रही हैं। कोरोना की ड्यूटी ने दो बच्चों को भी बांट दिया है। दो साल का बेटा विहान अमित के साथ और सात साल की बेटी परिधि प्रतिभा के साथ रहती है। लॉकडाउन के बाद से अमित और प्रतिभा की मुलाकात नहीं हुई है। दोनों वीडियो कॉलिंग पर बात करते और कोराना ड्यूटी के अनुभव साझा करते हैं। दो साल का बेटा मां के पास जाने की जिद करता है। लेकिन पति एवं पत्नी अपनी फर्ज निभा रहे हैं।
जिला अस्पताल के मैस प्रभारी नारायण दत्त भट्ट और उनका बेटा विपिन भट्ट भी कोरोना वारियर्स हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों का खाना मैस में ही तैयार होता है। जबकि विपिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुंदरकी में ब्लाक लेखा प्रबंधक हैं। विपिन की कोरोना ड्यूटी लगी है। नारायण दत्त अस्पताल परिसर स्थित क्वार्टर और विपिन परिवार के साथ बैंक कालोनी में रह रहा है। पिता और बेटे की करीब एक महीने से मुलाकात नहीं हुई है।