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शहर में संक्रमण का खतरा, निजी अस्पतालों में भर्ती दो मरीजों की सैंपलिंग

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मुरादाबाद। शहर में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका है। दो ऐसे मरीजों का कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया है जिनकी ना तो कोई ट्रेवल हिस्ट्री है और ना ही वह किसी कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए हैं। यह दोनों ही मरीज शहर के दो निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से एक को सांस लेने में दिक्कत के बाद उसे वेंटीलेटर पर ले जाना पड़ा है। यदि ये मरीज कोरोना पॉजिटिव निकलते हैं तो इन अस्पतालों में भर्ती बाकी मरीजों को भी आइसोलेशन में ले जाने की जरूरत पड़ सकती है।
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पेशे से ड्राइवर एक 32 वर्षीय युवक दो दिन तक शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती था। सोमवार को अस्पताल ने युवक को कोरोना की आशंका में जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। युवक का शुगर लेवल बहुत हाई था। मरीज सोमवार देर शाम शहर के एक दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती हुआ। मरीज की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं थी और वह किसी कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में भी प्रत्यक्ष तौर पर नहीं आया था। लिहाजा अस्पताल के डॉक्टरों ने इसे सामान्य मरीज के तौर पर ही अस्पताल में भर्ती कर लिया। युवक का इलाज करने वाले चिकित्सक का कहना है कि युवक की डायबिटीज 600 से अधिक थी। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। माना गया कि डायबिटीज की वजह से ही उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। मरीज का डीएलसी टीएलसी रेट भी नहीं गिरा था जो कोरोना संक्रमण में सामान्यत: तेजी से गिरता है। इसलिए मरीज को भर्ती करके उसका इलाज शुरू कर दिया। डॉक्टर का कहना है कि मंगलवार सुबह तक युवक की डायबिटीज भी कंट्रोल में आ गई थी। लेकिन फिर अचानक उसे सांस लेने में ज्यादा दिक्कत होने लगी। जबकि डायबिटीज कंट्रोल में आने के बाद सांस फूलने का कोई दूसरा मेडिकल कारण मरीज में नहीं था। स्थिति बिगड़ती देख भर्ती करने के 10 घन्टे के अंदर ही उसे वेंटिलेटर पर ले जाना पड़ा। बिना किसी ज्ञात मेडिकल कारण के मरीज को सांस लेने में आई अप्रत्याशित दिक्कत से डॉक्टरों को मरीज के कोरोना संक्रमित होने की आशंका हुई और उन्होंने इसकी सूचना कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ डीके प्रेमी को दी। इसके बाद जिला अस्पताल से गयी टीम ने मरीज का तुरंत कोरोना सैंपल लिया। इसे जांच के लिए भेजा गया है। मरीज को तुरंत आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि युवक का इलाज कर रहे चिकित्सक का कहना है कि टेस्ट पॉजिटिव होने की संभावना ना के बराबर है, लेकिन फिर भी एहतियाती तौर पर मरीज की सैंपलिंग कराई गई है।
शहर के दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती 50 वर्षीय महिला को भी सांस लेने में आई इसी तरह की अप्रत्याशित दिक्कत की वजह से उसका भी कोरोना सैंपल कराया गया है। यहां भी इलाज करने वाले डॉक्टर का कहना है कि महिला की विदेश यात्रा की कोई हिस्ट्री नहीं है। इसके अलावा वह किसी कोरोना पॉजिटिव मरीज के प्रत्यक्ष रूप से संपर्क में भी नहीं आई है। लेकिन तेज बुखार और सांस लेने में आई अप्रत्याशित दिक्कत की वजह से महिला का कोरोना सैंपल जिला अस्पताल के जरिए कराया गया है। उन्होंने कहा कि मरीज इस स्थिति में नहीं है कि उसे जिला अस्पताल शिफ्ट किया जा सके। लिहाजा जांच रिपोर्ट आने तक उसे अस्पताल के ही आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। यदि जांच रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो महिला का इलाज यहीं होगा। यदि जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसे जिला अस्पताल भिजवा दिया जाएगा। खास बात यह है कि इन दोनों ही मरीजों के अंदर स्टेज 2 के लक्षण नहीं है यानी दोनों ने ही ना तो विदेश यात्रा की है और ना ही वैसे वह कोरोना पॉजिटिव किसी मरीज के संपर्क में आए हैं। ऐसे में यदि इन दोनों के टेस्ट पॉजिटिव आते हैं तो शहर में यह कम्युनिटी संक्रमण की दस्तक हो सकती है। प्रशासनिक अफसरों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इसे लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। अधिकारियों द्वारा बार-बार लोगों को यही हिदायत दी जा रही है कि वह अपने घरों के अंदर रहें। बार-बार बहाने बनाकर घरों से ना निकले।
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