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घनी आबादी में ज्यादा है कोरोना संक्रमण का खतरा

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मुरादाबाद। कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए सरकार ने पूरी तरह कमर कस ली है। लेकिन घनी आबादी वाले मोहल्ले और तंग गलियाें में कोरोना से जंग प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। शहर के पुराने कई हिस्से ऐसे हैं जहां तंग गलियों में लोग खुली आवोहवा और धूप को भी तरस चुके हैं। यहां शहर की बड़ी जनसंख्या रहती है। ऐसे में इन घनी आबादी वाले इलाकों में लोगों से कोरोना की एडवाइजरी का पालन कराना प्रशासन के लिए चुनौती है। बाजारों में भी आपस में न्यूनतम एक मीटर की दूरी रखने की अपील के साथ शासन ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि विकल्प हो तो लोग घनी आबादी को छोड़कर बाहर खुले और हवादार वातावरण में रहें।
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शासन ने जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि लोगों को भीड़ वाली जगहों में जाने से रोकें। यदि घनी आबादी वाले इलाके में कोई संक्रमित व्यक्ति पहुंचता है तो यहां संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा है। संक्रमित व्यक्तियों के छींकने या खांसने से विषाणु सतह पर गिरते हैं और वहां पर काफी समय तक क्रियाशील रहते हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग आपस में उचित दूरी पर रहें और साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें। प्रशासन ने लोगों से बाजारों में भी एक - दूसरे से न्यूनतम एक मीटर की दूरी बनाए रखने के लिए कहा है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने सभी मातहतों को निर्देश दिया है कि सभी लोगों के बीच स्वच्छता और भौतिक दूरी सुनिश्चित की जाए ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका को न्यूनतम किया जा सके। संक्रमण से बचने के लिए लोग हवादार कमरों का इस्तेमाल करें जहां धूप भी पर्याप्त पहुंचे। एडवाइजरी के आधार पर प्रशासन जागरूकता कार्यक्रम भी चला रहा है। लेकिन कोरोना से लड़ने की तैयारियों के बीच घनी आबादी वाले इलाके प्रशासन के लिए सिरदर्द बन रहे हैं। यहां लोगों को उपयुक्त दूरी पर रखना बड़ी चुनौती है।
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