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कोरोना का खौफ, मुरादाबाद आइसोलेशन वार्ड तैयार

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मुरादाबाद। आगरा और नोएडा में कोरोना वायरस के नए मामलों ने प्रदेश में खलबली मचा दी है। मुरादाबाद में भी इसका खौफ नजर आने लगा है। स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट में आ गया है। मंडल के सभी जिलों में एहतियातन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला अस्पताल में दस बिस्तर का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। चीन के अलावा खाड़ी देशों और यूरोप से वापस आने वालों की निगरानी बढ़ा दी है। मंडल में तीन लोग ईरान से लौटे हैं। इनमें दो छात्र और एक धर्म गुरु हैं। तीनों लोग स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं। मुरादाबाद जिले में फरवरी से सात लोग लगातार निगरानी में हैं।
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नोएडा में मंगलवार को तीन स्कूलों की छुट्टी कर दी है। इन स्कूलों के बच्चों में कोरोना वायरस के लक्षण मिले हैं। नोएडा की दूरी मुरादाबाद से महज 157 किमी है। मुरादाबाद के कई बच्चे नोएडा के विभिन्न स्कूलों और कोचिंग सेंटरों में पढ़ रहे हैं। मुरादाबाद मंडल अति संवेदनशील श्रेणी में है। मुरादाबाद से यूरोप के कई देशों से एक्सपोर्ट होता है। अमरोहा और संभल की काफी मुसलिम ईरान समेत खाड़ी देखों में पढ़ाई और नौकरी करते हैं। मुरादाबाद के कई छात्र चीन में पढ़ाई कर रहे हैं। मुरादाबाद मंडल में अब तक 41 लोग चीन, ईरान और यूरोपीय देशों से वापस लौटे हैं। इनमें संभल के दो और अमरोहा का एक छात्र सोमवार को ही ईरान से वापस आए हैं। संभल में एक छात्रा है जबकि दूसरे धर्मगुुरु हैं। छात्रा ईरान में पढ़ाई कर रही थी। अमरोहा लौटा छात्र भी ईरान में पढ़ाई कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने तीनों लोगों के घर पहुंचकर उनकी जांच की।
डिस्ट्रिक्ट एपिडेमिलोजिस्ट अजीजुर रहमान के मुताबिक मंडल में 28 लोगों की निगरानी हटा दी गई है। जबकि सोमवार को आए तीन लोगों के साथ मुरादाबाद जिले के सात लोगों की नियमित निगरानी हो रही है। मुरादाबाद जिले के सात लोग फरवरी माह में ईरान और चीन से लौटे हैं। सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने बताया कि शासन के निर्देश पर एहतियातन तैयारियां शुरू कर दी हैं। निजी और सरकारी अस्पताल प्रबंधन के अलावा नर्सिंग होम एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को अलर्ट जारी किया है। एहतियातन हर परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
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सावधानी ही बचाव
एल्टीमेट पैथ लैब के माइक्रो बायोलॉजिस्ट डा. अजय वीर सिंह के मुताबिक कोरोना की तरह 1918 में भी इंफ्लुजा वायरस फैला था। दुनिया भर में दो करोड़ की आबादी संक्रमित हुई और 20 लाख लोगों की मौत हुई। अकेले भारत में करीब 10 लाख लोग मारे गए। इसे स्पेनिश फ्लू भी बोला गया था। डा. अजयवीर सिंह ने बताया कि कोरोना भी ऐसा ही वायरस है। इससे बचाव के लिए हाथों को धोते रहें और हाथ न मिलाएं। मास्क का इस्तेमाल करें और खांसी या छींकते वालों से दो मीटर की दूरी बनाए रखें। चेहरा, मुंह और आंखों पर बार बार हाथ न लगाए। सांस संबंधी परेशानी होने पर तत्काल डाक्टर की सलाह लें।
होम्योपैथिक में कारगर हो सकती हैं दवाएं
पूर्व जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डा. राजकुमार शर्मा के मुताबिक इंफ्लुएंजम पोंटंसी-200, आर्सेनिक एल्बम-30 और बायोकॉबिनेशन नंबर-5 कोरोना वायरस के लिए सबसे कारगर दवा है। डा. शर्मा ने बताया कि इंफ्लुएंजम पोंटंसी-200 सप्ताह में दो बार पांच-पांच बूूंद 30 एमएल पानी से ली जा सकती है। आर्सेनिक एल्बम-30 बहुत कमजोरी होने पर ली जा सकती है। दो खुराक में तीन से चार बूंदे 20 एमएल पानी से ली जा सकती है। बायोकॉबिनेशन नंबर-5 की पांच पांच गोली गर्म पानी में मिलाकर लेने से फ्लू और अटैक से बचा जा सकता है।
घरेलू औषधियों से बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता
आयुर्वेदिक पाली क्लीनिक के डा. बलराज सिंह के मुताबिक कोरोना एक वायरल है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर इसका अटैक होता है। रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से इससे बचा जा सकता है। तुलसी, सोंठ, काली मिर्च, मुलेठी, लॉंग, गिलोय, अलसी और पिप्पली की जड़ी को उबालकर काड़ा बना लें। काड़ा बार बार पीयें। इससे वायरस के हमले की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। सुबह तिल के तेल की दो बूंद नाक में डालें और सुपाच्य और हल्का एवं नरम आहार लें।
10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार के मुताबिक कोरोना में आमतौर पर श्वसन तंत्र की परेशानी हो रही है। इसमें नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और बुखार मुख्य है। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों इसकी चपेट में आ सकते हैं। बुजुर्ग और बच्चों के प्रति एहतियात बरतने की जरूरत है। कोरोना से बचाव को कोई टीका नहीं है। आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचने की कोशिश करें। हाथों को साबुन से अच्छी तरह कम से कम 20 सेकंड तक धोएं। कोरोना एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। जिला अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया है।
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