मुरादाबाद। यूरिया की किल्लत से किसान बेहाल हैं, लेकिन किसान सहकारी समिति कालाझंडा के कैडर सचिव ने नियमों को ताक पर रखकर दिल खोलकर यूरिया बांट दिया था। डीएम द्वारा उपजिलाधिकारी से कराई जांच में मामला सही मिला तो जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक निबंधक ने सचिव को निलंबित कर दिया है। साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
सहकारी समिति के सहायक आयुक्त, सहायक निबंधक जितेंद्र कुमार ने बताया कि यूरिया की मारामारी के चलते शासन ने जिले में बिक्री के लिहाज से संदेह के दायरे में आए 20 सेंटरों की सूची जांच को भेजी थी। डीएम ने संबंधित उपजिलाधिकारियों के माध्यम से इसकी जांच कराई तो पोल खुलनी शुरू हुई। सहायक निबंधक के अनुसार काला झंडा सहकारी समिति में जांच के दौरान पता चला कि वहां तैनात कैडर सचिव ने नियमों के विरुद्घ अपने सगे संबंधी, रिश्तेदारों को ही करीब 40 मीट्रिक टन यूरिया बाट दिया। एसडीएम की जांच रिपोर्ट पर कैडर सचिव मोहित शर्मा को तत्काल निलंबित करते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करा दी गई है। अपर जिला सहकारी सदर को संबंधित के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर एक महीने में प्रस्तुत करने को कह दिया गया है। मूंढापांडे के कैडर सचिव सुबोध कुमार को काला झंडा के सचिव पद पर भेजा गया है। मूंढापांडे के सचिव पद का कार्य विशाहट किसान सेवा सहकारी समिति के अशोक कुमार को दे दिया गया है।
इन संबंधियों को बांटी यूरिया
सहायक निबंधक के अनुसार सचिव ने भारती , खुशबू, रामेश्वरी, रामेश्वरी निवासी जाहिदपुर सीकमपुर, अंजार निवासी देवीपुर मुस्तकम को क्रमश: 9.455, 9.540, 9.225, 5.760 और 5.76 मी. टन यूरिया बेचा । जो मानक से बहुत अधिक है।
कवर हो जाते 150 से ज्यादा किसान
सहायक निबंधक के अनुसार नियमानुसार यूरिया की मारामारी के कारण इसके वितरण में सावधानी बरती जा रही थी। खसरा खतौनी देखी जा रही थी। तीन कट्टे प्रति एकड दिए जा सकते थे, एक कट्टे में 45 किलो यूरिया होती है। लेकिन सचिव ने करीब 40 एमटी यूरिया ही इन पांच लोगों को दे दी। एक एमटी में 10 कुंतल यानि करीब 22 कट्टे होते हैं। जाहिर है कि इन पांच लोगों को करीब 800 बैग दे दिए गए। इतने बैग 150 से 200 छोटी जोत वाले किसानों को दिए जा सकते थे।
दो उर्वरक प्रभारियों पर कार्रवाई की संस्तुति
सहकारी समिति के सहायक आयुक्त और सहायक निबंधक जितेंद्र कुमार के अनुसार उपजिलाधिकारी की रिपोर्ट में ठाकुर द्वारा की सुरजनगर किसान सेवा सहकारी समिति के उर्वरक प्रभारी सूर्यपाल सिंह और बिलारी किसान सेवा सहकारी समिति बिलारी के उर्वरक प्रभारी वीरपाल शर्मा द्वारा बिना पॉश मशीन के उर्वरक की बिक्री करने का मामला संज्ञान में आया था। लिहाजा उक्त दोनों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के लिए दोनों समितियों के सचिव/ सभापति को निर्देशित करते हुए कार्रवाई से अवगत कराने को कहा गया है। नियमानुसार समिति बोर्ड को ही इन पर कार्रवाई का अधिकार है।