आरएसएस के पदाधिकारियों को कुछ लोगों ने सूचना दी कि गोविंद नगर कालोनी में धर्मांतरण करवाया जा रहा है। शक के आधार पर कार्यकर्ताओं ने वैन में सवार तीन महिलाएं और तीन पुरुषों को रोक लिया। इसकी जानकारी कटघर थाने को दी गई। पुलिस ने बताया कि जांच में मामला गलत पाया गया है।
आरएसएस से जुड़े युवकों ने गोविंद नगर में धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए एक वैन में सवार छह महिला और पुरुषों को रोककर कटघर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस की पूछताछ के दौरान धर्मांतरण की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने पूछताछ के बाद सभी लोगों को छोड़ दिया।
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उधर आरएसएस के लोग ईसाई धर्म से जुड़ी संस्था पर धर्मांतरण करने का शक जता रहे थे। कटघर थाना क्षेत्र के गोविंद नगर ब्रजधाम कालोनी के कुछ लोग प्रत्येक रविवार मिशनरी से जुड़े लोग प्रार्थना सभा में भाग लेने के लिए आते हैं। आरएसएस के पदाधिकारियों को कुछ लोगों ने सूचना दी कि कालोनी में हिंदुओं को ईसाई बनाया जा रहा है।
गरीब परिवारों को दो से ढाई लाख रुपये का लालच देकर प्रत्येक रविवार को एक वैन से चर्च भेजा जाता है। अभी तक मोहल्ले के पांच परिवार ईसाई बनाए जा चुके हैं। रविवार को सुबह करीब आठ बजे जैसे ही वैन में सवार तीन महिलाएं और तीन पुरुष बैठाए जा रहे थे।
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इसी समय स्थानीय लोगों ने उनकी वैन को घेर लिया। सूचना मिलते ही आरएसएस के नगर सह कार्यवाह विक्रम सिंह अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंच गए। सह कार्यवाह ने घटना की जानकारी कटघर थाना प्रभारी तेजवीर सिंह को दी। सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची।
वैन में मौजूद लोगों को पुलिस थाने में लेकर आई। पूछताछ के दौरान वैन सवारों ने बताया कि उन्होंने धर्म परिवर्तन नहीं किया है। उनको कोई जबरदस्ती भी लेकर नहीं जा रहा था। वे अपनी इच्छा से एक धार्मिक स्थल पर आते-जाते हैं। आरएसएस के पदाधिकारियों के सामने ही सभी ने धर्म परिवर्तन की बात से इनकार किया।
इसके बाद स्थानीय लोगों का विरोध शांत हो गया। इस मामले में कटघर थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत की पुष्टि नहीं हुई है। इसी कारण सभी लोगों को थाने से छोड़ा गया है। वहीं इस मामले में आरएसएस के पदाधिकारियों ने भी गलतफहमी होने की बात कहकर सभी को शांत कर दिया।