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हजरत-ए-आयशा पर फिल्म का विरोध और बढ़ा, रिजवी बोले फिल्म में कोई विवाद नहीं, उलमा बोले प्रतिबंध लगे

Sun, 01 Sep 2019 05:32 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
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शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष वसीम रिजवी - फोटो : amar ujala
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हजरत-ए-आयशा पर फिल्म पर रार जारी है। देश दुनिया के मौलाना, उलमा और मुस्लिम समुदाय के लोग हंगामा और प्रदर्शन करके फिल्म पर पाबंदी की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के मुताबिक फिल्म में कुछ गलत नहीं है। 

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वसीम रिजवी ने फोन पर बात करते हुए  कहा कि सहीह अल बुखारी समेत इस्लाम की पाक दो किताबों में दिए संदर्भों के आधार पर फिल्म बनाई गई है। अश्लीलता के आरोप गलत हैं, फिल्म में अरब की संस्कृति दिखाई है। किताबों में हजरत आयशा के जिस चरित्र को लिखा गया, वही फिल्म में दर्शाया गया।

उलमा बोले, गलत तस्वीर पेश कर रहे हैं रिजवी
आयशा को मुसलमानों की मां का दर्जा है। उनकी फिल्म बनाने का ख्याल ही बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। हमारा धर्म तस्वीरों को पाबंद करता है। मेरी सरकार से गुजारिश है कि ऐसी किसी फिल्म पर बैन लगाना चाहिए। मुसलमान तो ऐसी फिल्म का विरोध करेगा ही- सैय्यद मासूम अली आजाद, शहर इमाम 
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इस्लाम के अंदर अल्लाह और रसूल की कहीं भी तस्वीर नहीं है। हजरत-ए-आयशा को दिखाना उन्हें सरासर बेपर्दा करना है। आयशा के किरदार को निभाने वाली किसी महिला को हम स्वीकार नहीं कर सकते हैं। रिजवी जी को मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई हक नहीं- मुफ्ती दानिश
  
 वसीम रिजवी की गिरफ्तारी होनी चाहिए। फिल्म के रिलीज पर पाबंदी होनी चाहिए। इस फिल्म को बनाने वाले सभी लोगों के खिलाफ एफआईआर हो और शिया वक्फ बोर्ड के पद से वसीम रिजवी को बर्खास्त करने की मांग हम करते हैं- सलीम अहमद, जिला संयोजक, बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी

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