मुरादाबाद। मझोला के शाहपुर तिगरी में अपनी पुलिसकर्मी बहन और बहनोई के घर में रह रहे ठेकेदार छविराम आर्य (46) ने तमंचे से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। शनिवार की सुबह पड़ोसियों ने खून से लथपथ हालत में उनका शव घर में पड़ा देखा तो उनके भाई और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की तो पास में ही तमंचा पड़ा मिल। बताया जा रहा है कि लंबे समय से उनके पास कोई काम नहीं था जिस कारण वह परेशान चल रहे थे। अमरोहा के नन्हेडा निवासी छोटे लाल आर्य बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हैं। वह अपने पैतृक गांव में ही रहते हैं जबकि उनके बेटे छविराम आर्य और लखीराम आर्य अपने-अपने परिवार के साथ कांशीराम नगर में रहते हैं। छोटे लाल आर्य की बेटी दुर्गेश कुमारी और दामाद सतेंद्र कुमार पुलिस विभाग में सिपाही हैं। बेटी और दामाद का मकान मझोला के शाहपुर तिगरी गांव में है। लखीराम आर्य ने बताया कि छविराम आर्य का मकान खंडहर हो गया है जिस कारण वह अपनी पत्नी सुमन, बेटे तुषार और विवेक के साथ बहन दुर्गेश देवी के शाहपुर तिगरी स्थित मकान में रह रहे थे। दुर्गेश और उनके पति सतेंद्र दूसरे जिलों में तैनात हैं।
छविराम आर्य की पत्नी सुमन की बहन दादूपुर निवासी जगवती शुक्रवार की रात अस्पताल में भर्ती थी। सुमन छोटे बेटे विवेक के साथ अस्पताल गई थी जबकि बड़ा बेटा तुषार आर्य बुलंदशहर में रहकर पॉलीटेक्निक कर रहा है। शुक्रवार की रात छविराम घर में अकेले थे। रात में किसी समय उन्होंने दाहिनी कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पड़ोसी ने उन्हें कमरे में पड़ा देखा तो लखीराम को सूचना दी। माैके पर पहुंचे लखीराम ने घटना की जानकारी पुलिस और परिजनों को दी।
सीओ सिविल लाइंस कुलदीप गुप्ता और मझोला थाना प्रभारी रविंद्र कुमार मौके पर पहुंच गए और फोरेंसिक टीम बुला ली। टीम को जांच पड़ताल के दौरान ही 315 बोर का तमंचा मिला। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि गोली भेजा चीरते हुए बायी कनपटी से बाहर निकल गई थी। लखीराम ने बताया कि उनके भाई बिजली विभाग में ठेकेदारी करते थे लेकिन लंबे समय से वह काम नहीं कर रहे थे। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। परिवार के लोग आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं।