मुरादाबाद। उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के तत्वावधान में सात सूत्री मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर तीसरे दिन धरना-प्रदर्शन किया। इसकी वजह से शहर के 22 केंद्रों पर टीकाकरण नहीं हो सका। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार ओमिक्रॉन का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में टीकाकरण में देरी होना परेशानी का सबब बन सकता है।
नगर निगम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद अली वारसी ने कहा कि सभी मांगें न्यायोचित हैं। शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे इस आंदोलन को कोई प्रभावित करने की कोशिश करेगा, तो हम भी इस आंदोलन में हिस्सेदारी करेंगे। विकास प्राधिकरण के प्रांतीय महामंत्री वृंदावन दोहरे ने संविदा को कुप्रथा बताया। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष निश्चल भटनागर ने कहा कि सरकार को सभी मांगें मानकर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित कर देना चाहिए। इस दौरान डीपीए के नेता कुंदन सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के मंडल अध्यक्ष चंद्रशेखर, जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह, डॉ. वकील अहमद, डॉ. अनीता मौर्य, डॉ. अजीजुर रहीम, विपिन भट्ट, ज्ञानचंद मौर्य आदि मौजूद रहे।
प्रतिदिन 325 सत्रों पर टीकाकरण होता था, लेकिन बृहस्पतिवार को धरना-प्रदर्शन की वजह से 134 पर टीकाकरण अभियान चलाया गया है। प्रदर्शन के कारण प्रतिदिन 20 हजार व्यक्ति टीका लगने से वंचित हो रहे हैं। शहर में 26 अर्बन में से 22 केंद्रों पर टीका नहीं लगाया गया। जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल, रेलवे अस्पताल के अलावा अर्बन पीएचसी टाउनहॉल, हरथला, नवाबपुरा और कानून गोयान में टीकाकरण अभियान चलाया गया है। ऐसे समय में स्वास्थ्यकर्मियों को इस समय हड़ताल नहीं करनी चाहिए थी।
डॉ. दीपक वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।