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Moradabad News: साथी की मौत पर भड़के संविदा कर्मियों ने घेरा मुख्य अभियंता का दफ्तर

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मुरादाबाद। साथी की मौत से भड़के विद्युत निगम के संविदा कर्मियों ने शनिवार को मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव किया। सुबह 11 बजे लगभग 250 कर्मचारी दिल्ली रोड स्थित सीई कार्यालय पहुंच गए। 10 लाख रुपये मुआवजा और मृतक के परिजन को नौकरी की मांग करते हुए वह शाम चार बजे तक अड़े रहे।
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शुक्रवार को कटघर क्षेत्र में बिजली लाइन की मरम्मत के लिए पेड़ों की छंटाई कर रहे लाइन स्टाफ रवि सैनी की करंट लगने से मौत हो गई। निगम के अधिकारियों का दावा है कि बिजलीघर शटडाउन पर था और सभी लाइनें बंद थीं। इसके बावजूद करंट आने और साथी की मौत होने से संविदा कर्मियों में रोष है।
संविदा कर्मचारी संगठन के सचिव आजम हुसैन का कहना है कि पेड़ों की छंटाई करने का काम संविदा कर्मियों का नहीं है। इसके लिए निगम को अलग से टेंडर जारी करना चाहिए। इसके बावजूद अधिकारी और सुपरवाइजर कर्मचारियों पर दबाव बनाकर उन्हें पेड़ों पर चढ़ा देते हैं। पिछले एक साल में तीन संविदा कर्मियों के गंभीर चोट लग चुकी है। जबकि शुक्रवार को रवि सैनी की मौत हो गई।
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शनिवार दोपहर दो बजे रवि के परिजन एंबुलेंस से शव लेकर मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने मुख्य अभियंता अशोक कुमार चौरसिया का घेराव कर 10 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी की मांग की। अधिकारी ने आश्वासन दिया कि 20 जनवरी तक परिजनों को मुआवजा दिला दिया जाएगा।

लोगों के वर्जन
पेड़ों की छंटाई करने का काम संविदा कर्मियों का नहीं है। इस कार्य का उन्हें कोई अनुभव नहीं है। इसके कारण कई कर्मचारी घायल हो चुके हैं। एक युवा साथी अपने परिवार और हमसे छिन गया है। निगम के अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं।
- आजम हुसैन, जिला उपाध्यक्ष, संविदा कर्मचारी संघ

घटना की जांच होनी चाहिए। जांच में अन्य विभागों के अधिकारियों को शामिल किया जाए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। जिस क्षेत्र के कर्मचारी हों, उसी क्षेत्र की लाइन पर उनसे काम कराया जाए।
- उमेश चंद्र, जिला अध्यक्ष, संविदा कर्मचारी संघ

विद्युत निगम के सुपरवाइजरों की लापरवाही से मेरे साथ भी दुर्घटना हो चुकी है। तहसील स्कूल बिजलीघर पर पेट्रोल मैन के रूप में तैनात था। नौ माह पहले लाइन मरम्मत में दुर्घटना हुई। मेरी पसली और पैर टूट गया। निगम या कंपनी की ओर से कोई सहायता नहीं मिली। मुझे नौकरी से भी निकाल दिया गया है।
- तसलीम, संविदा कर्मचारी

वर्जन
मृतक के परिजनों को तीन कार्य दिवस के भीतर नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। करंट कैसे आया.. इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। संविदा कर्मी के परिजनों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं।
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- अशोक कुमार चौरसिया, मुख्य अभियंता
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