जेल से पेशी पर आए मर्डर के मुल्जिम लाल सिंह उर्फ लालू को उसकी गर्ल फ्रेंड के रूम पर ले जाने वाले सिपाहियों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। प्रारंभिक जांच में सिपाहियों पर दोष सिद्ध होने के बाद एसएसपी ने दोनों सिपाहियों के खिलाफ 14(1) के तहत जांच के आदेश सीओ कांठ को दिए हैं।
दोनों सिपाहियों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गर्ल फ्रेंड के रूम पर ही लालू ने फरारी की योजना बनाई थी और उसी रात जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया था। संभल जिले के बहजोई थाना क्षेत्र में पंवासा निवासी लाल सिंह उर्फ लालू पुत्र राकेश सिंह संभल में डा. राजेश के संजीवनी अस्पताल में कंपाउंडर था। वहां वह एक नर्स को लेकर भाग गया था।
जिसके बाद उसे वहां से बेइज्जत करके हटा दिया गया था। संजीवनी अस्पताल में ही मेडिकल स्टोर चलाने वाले डा. राजेश के भाई ने उसके साथ मारपीट की थी। जिसका बदला लेने के लिए लाल सिंह उर्फ लालू ने 22 नवंबर 2009 की रात डा. राजेश के भाई के घर दुर्गा कालोनी में धावा बोल दिया था। इत्तफाक से घटना के वक्त मेडिकल स्टोर संचालक घर पर नहीं था।
लाल सिंह ने घर पर मिले उनके नौकर सुनील की हत्या कर दी थी। 23 नवंबर 2009 को वह गिरफ्तार हुआ था और तभी से जेल में बंद है। लेकिन अपने रसूख की वजह से वह जेल में रहते हुए भी अपनी प्रेमिका से मिलने मझोला की बुद्धि विहार कालोनी स्थित उसके रूम पर जाता रहा था।
20 फरवरी 2014 को भी जब उसे जेल से पेशी पर कोर्ट लाया गया था तो वह सिविल लाइंस के दो सिपाहियों राहुल राणा और अरविंद सिंह के साथ बाइक से प्रेमिका के कमरे पर पहुंचा था। सिपाही उसे छोड़कर चले गए थे। करीब पांच घटना तक वह प्रेमिका के पास उसके रूम पर रहा था। यहां लौटने के बाद उसी रात वह जेल से भाग गया था। सात दिन बाद पकड़े जाने पर उसने यह खुलासा किया था। दोनों सिपाहियों को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया था।