कोरोना को मात देकर घर लौटे मुरादाबाद के सिपाही गुलाम गौस ने कहा बीमारी तो खतरनाक है, लेकिन हम सावधानी बरतें और लोगों के संपर्क में न आएं तो इसे भी हराया जा सकता है। आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है और आप हौसला बनाए रखते हैं तो आपकी जीत पक्की है।
उन्होंने बताया कि मेरे विभाग के 100 से ज्यादा पुलिस कर्मियों के सैंपल जांच को भेजे गए थे, लेकिन केवल मेरी ही रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बावजूद भी मैंने अपना मनोबल नहीं गिरने दिया।
मेरे परिवार, रिश्तेदार, विभाग के लोग और यार दोस्तों ने मुझसे फोन पर लगातार बात की और सभी ने मेरा हौसला बढ़ाया। इसके अलावा डॉक्टर और उनके स्टाफ भी बेतहर ढंग से इलाज कर रहे हैं।
क्वारंटाइन में समय पर दवाइयां और खाना-पीना मिला। मैंने अपने मन मस्तिष्क में नकारात्मक विचारों को जगह नहीं दी। इसका नतीजा रहा है कि मेरी दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई।
पत्थरबाजी के आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में शामिल थे गुलाम गौस
कोरोना को मात देने वाले गुलाम मूल रूप से बरेली निवासी हैं। वह 2018 बैच के सिपाही हैं। गुलाम की तैनाती नागफनी थाने की बंगला गांव पुलिस चौकी पर है। 15 अप्रैल को नवाबपुरा में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पर हमला हुआ था।
इसके बाद आरोपियों की धरपकड़ करने वाली पुलिस टीम में सिपाही गुलाम गौस भी शामिल थे। गुलाम इन आरोपियों को जेल तक छोड़ने भी गए थे। पत्थरबाजी के पांच आरोपी कोरोना पॉजिटिव पाए थे।
इसके बाद नागफनी थाने की पुलिस को क्वारंटीन किया गया था। सभी के सैंपल लिए गए थे। रिपोर्ट में गुलाम गौस में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। अब गुलाम गौस की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई है।
अभी होम क्वारंटीन रहेंगे गुलाम गौस
आईसीयू वार्ड में 15 दिन रहने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब वह अपने घर में ही होम क्वारंटाइन रहेंगे। गुलाम का कहना है कि जब इतना वक्त बीत गया तो बाकी समय भी बीत ही जाएगा। वह मोबाइल और किताबें पढ़कर समय बीता रहे हैं।