प्रदेश स्तर पर आयुष्मान भारत योजना की जिम्मेदारी संभाल रही संस्था सांची ने यह कार्रवाई की है। अब जांच के बाद सीएमओ स्तर से इन अस्पतालों को पैनल से हटाया जा सकता है। पाकबड़ा के मिशन अस्पताल में एआई के जरिये मरीजों के सर्जरी के समय के फर्जी फोटो तैयार कर बिल क्लेम के साथ भेजे जा रहे थे। जबकि उन मरीजों की सर्जरी वास्तव में हुई ही नहीं थी। प्रदेश से जांच के आदेश मिलने के बाद सीएमओ ने अस्पताल में पहुंचकर दस्तावेज खंगाले। अस्पताल की 300 फाइलें जब्त कर ली गईं। अब जांच पड़ताल चल रही हैं। इसी तरह खुशहालपुर स्थित बरुआ अस्पताल की फाइलें भी तलब की गई हैं। दोनों के मामले में सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह खुद जांच कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिन मरीजों की सर्जरी दिखाई गई है या जिनके बिल क्लेम किए गए हैं, उनसे फोन पर बात की जा रही है।
अस्पतालों के दो माह पुराने बिलों का नहीं होगा भुगतान
सांची ने अस्पतालों की आयुष्मान सेवाएं निलंबित करने के साथ ही आयुष्मान के तहत क्लेम किए गए बिलों के भुगतान पर भी रोक लगा दी है। दो माह पहले से लेकर अब तक के बिलों को कोई भुगतान अस्पतालों को नहीं किया जाएगा। सीएमओ स्तर से जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई भी की जाएगी। चर्चाएं यह भी हैं कि खुशहालपुर स्थित अस्पताल की आयुष्मान सेवाओं के निलंबन का पत्र पहले ही सीएमओ कार्यालय में भेजा गया था लेकिन अधिकारियों तक नहीं पहुंचा। इसे लेकर कुछ कर्मचारियों में डर का माहौल है।
- मिशन व बरुआ अस्पतालों की फाइलों को मैं स्वयं पढ़ रहा हूं। हर बिंदु पर खुद पड़ताल कर रहा हूं। जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी। गड़बड़ी पर कार्रवाई होने में देर नहीं लगेगी। - डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ