कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता राशिद अल्वी ने उत्तर प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सबसे नाकाम मुख्यमंत्री हैं। कानून व्यवस्था चौपट होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं। अल्वी ने सोनभद्र के नरसंहार का ठीकरा भी योगी सरकार के सिर फोड़ा। आरोप लगाया कि भूमिहीनों ने चार दिन पहले ही सरकार को भूमाफिया के डराने और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत कर दी थी। सरकार की लापरवाही से नरसंहार हुआ। मुख्यमंत्री योगी को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
अल्वी मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता असद मौलाई के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सोनभद्र में योगी सरकार नरसंहार रोकने में नाकाम रही। लेकिन, जब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी पीड़ित परिवारों के आंसू पोंछने गई तो उन्हें रोका गया। चंदौसी में दो पुलिस कर्मियों की हत्या कर अपराधियों के भागने की घटना ने कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। कहा कि जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा।
पूर्व सांसद अल्वी ने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार हैं वहां मॉब लिंचिंग की घटनाएं हो रही हैं। इसे दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया। कहा कि, भाजपा के कई बड़े नेताओं और मंत्रियों ने देश में माहौल खराब किया है। रामपुर के सांसद आजम खां को भूमाफिया घोषित किए जाने के सवाल पर अल्वी ने कहा, रामपुर जाकर कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। इस दौरान हसनपुर के पूर्व विधायक हाजी शब्बन, निवर्तमान जिलाध्यक्ष डा. एपी सिंह और निवर्तमान महानगर अध्यक्ष अनुभव मेहरोत्रा समेत कई लोग मौजूद रहे।