जुमे की नमाज को लेकर शुक्रवार को प्रशासन अलर्ट रहा। नमाज बाद विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए जामा मस्जिद व उसके आसपास का इलाका छावनी में तब्दील रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। नमाज संपन्न होने के बाद जब लोग अपने शांति माहौल में अपने घर चले गए तब प्रशासन ने कुछ राहत की सांस ली। जामा मस्जिद पर नमाज के बाद मुल्क में अमन चैन व शांति के साथ भाईचारा कायम करने रखने की दुआ की।
जुमे की नमाज को लेकर सुबह से ही प्रशासन के हाथपांव फूल रहे थे। प्रशासन को आशंका थी कि नमाज के बाद भारी संख्या में एकत्र लोग जुलूस निकाल प्रदर्शन कर सकते हैं। लिहाजा जामा मस्जिद के आसपास सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। एसपी सिटी अमित कुमार आंनद, एसपी ट्रैफिक सतीश चंद्र, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रीति जायसवाल, एडीएम सिटी राजेंद्र सिंह सेंगर, सिटी मजिस्ट्रेट लालता प्रसाद शाक्य, सीओ राजेश कुमार, सीओ कटघर पूनम सिरोही भी मौके पर मौजूद रहे।
कई थानों की पुलिस के अलावा आरपीएफ के जवान, दंगा नियंत्रण वाहन, फायरब्रिगेड की गाड़ी आदि के साथ मुस्तैद रहे। शहर-ए-इमाम हकीम सैयद मासूम अली ने नमाज से पहले लोगों से अपने बच्चों को अच्छी तालीम देने, एक दूसरे की मदद करने को कहा। उन्होंने कहा कि हमे कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे किसी का दिल दुखे या राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचे। क्योकि किसी का दिन दुखाना खुदा को बुरा लगता है। जामा मस्जिद पर नमाज नायब इमाम मुफ्ती फहद ने पढ़ाई। बाद नमाज शहर-ए-इमाम ने दुआ की। जिसमें मुल्क में अमन, चैन व भाईचारा कायम रखने की दुआ की गई।
शुक्रवार को दोपहर जुमे की नमाज के बाद संभावित प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहने के साथ हर वह प्रयास भी करता रहा जिससे शांति व्यवस्था बरकरार रह सके। इसी कड़ी में डीएम तथा एसएसपी सुबह दस बसे शहर इमाम सैयद मासूम अली साहब समेत शहर की सभी मस्जिदों के इमामों के साथ बैठक कर उनसे नमाज से पहले लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करने को कहा।
डीएम राकेश कुमार सिंह एवं एसएसपी अमित पाठक ने कहा कि शहर के लोग नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर को जब बड़ा प्रदर्शन कर चुके थे तो फिर ईदगाह में धरना शुरू करने की जरूरत क्यों पड़ी। इस पर सभी धर्मगुरुओं ने कहा कि उन लोगों ने इस प्रदर्शन के लिए किसी से कुछ नहीं कहा। लोग इस कानून से अपने मुस्तकबिल को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, इसलिए वह आंदोलन कर रहे हैं। डीएम तथा एसएसपी न लोगों से सड़क पर प्रदर्शन न करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ किसी तरह का कोई टकराव पैदा न हो। धर्मगुरुओं ने भी मस्जिद से इस तरह का एलान भी किया। इसका असर यह रहा कि नमाज के बाद नमाजी शांतिपूर्ण तरीके से घर अथवा आंदोलन स्थल चले गए।