कांग्रेस नेता सचिन चौधरी को 5 लाख रुपये और मुचलके के लिए 25 लाख में पाबंद करने पर सवाल उठने लगे हैं। जिले के लोगों का दावा है कि इतनी भारी भरकम रकम अब तक किसी भी व्यक्ति पर नहीं लगी है।
शांतिभंग की आशंका पर अमूमन दो से चार लाख रुपये पाबंद किया जाता है। कांग्रेस नेता सचिन चौधरी का दावा है कि एसडीएम के स्वविवेक का इस्तेमाल दरअसल सरकार के इशारे पर उठाया गया कदम है।
नागरिकता संसोधन कानून को वापस लेने, प्रशासनिक और पुलिस महकमे को कार्यशैली के खिलाफ कांग्रेस के प्रदेश सचिव सचिन चौधरी ने तीन जनवरी से उपवास का एलान किया था, लेकिन उन्हें उपवास के लिए अनुमति नहीं मिल सकी थी।
अफसरों ने धारा 144 लागू होने का दावा किया और कहा कि इससे शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है। हालांकि कांग्रेस नेता सचिन चौधरी गांधी की प्रतिमा के पास पहुंचे और उपवास शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।