प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण ठुकराने वाले सभी विपक्षी दलों और उनके नेताओं ने भारतीय सांस्कृति और सभ्यता का अपमान किया है। निमंत्रण को ठुकराकर भारत की अस्मिता और अस्तित्व को चुनौती दी है। आगे कहा कि विपक्षी दल भाजपा से लड़ें लेकिन राम, सनातन और भारत से नहीं लड़ें। राम के निमंत्रण को तो कोई पादरी और मुसलमान भी नहीं ठुकरा सकता।