मुरादाबाद। मुरादाबाद में कुछ हॉटस्पॉट इलाकों की सघन बस्तियों में संक्रमण का म्युनिटी स्प्रेड हुआ है। सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क पहनने की अनदेखी और कोरोना की जांच कराने के प्रति लोगों की भ्रांतियां इसकी वजह बनी हैं। नवाबपुरा क्षेत्र में हर्ड इम्युनिटी से कोरोना हार गया है। नवाबपुरा क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के नए केस नहीं आए हैं। ये कहना है केजीएमयू लखनऊ के प्लमोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसन विभागाध्यक्ष प्रो. वेदप्रकाश का। अपने तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन उन्होंने मुरादाबाद में कोरोना की स्थिति पर अमर उजाला से विस्तार से बातचीत की।
प्रो. वेदप्रकाश ने कहा कि हॉटस्पॉट के अधिकतर इलाके सघन आबादी वाले हैं। इनमें संक्रमण का कम्युनिटी स्प्रेड हुआ है। इसमें लोगों की लापरवाही और अस्पताल में भर्ती होने का डर मुख्य वजह रहा है। होम आइसोलेट सुविधा लागू होने से लोगों का डर दूर होगा। उन्होंने कहा कि संक्रमण के फैलाव के डर के बीच नवाबपुरा एवं आसपास के क्षेत्र से अच्छी खबर भी है। वहां पिछले कई समय से कोरोना का नया मरीज नहीं मिला है। स्पष्ट है कि वहां हर्ड इम्युनिटिी विकसित हुई है। इससे कोरोना हार गया है। उन्होंने कहा कि संक्रमण का फैलाव भी समुद्र की लहरों की तरह है। संक्रमण जिस तेजी से फैलेगा लोगों की हर्ड इम्युनिटी तैयार होगी और संक्रमण में ठहराव आ जाएगा। उन्होंने कहा कि नवाबपुरा क्षेत्र में एंटी बॉडी टेस्टिंग शुरू करवाने के सीएमओ को आदेश दे दिए हैं।
नॉन कोविड अस्पतालों में बरती गई लापरवाही
मुरादाबाद। लखनऊ रवाना होने से पूर्व प्रो. वेदप्रकाश ने कहा कि मुरादाबाद में संक्रमण की रोकथाम के लिए बेहद कारगर कदम उठाए गए हैं। लेकिन संक्रमितों की मौत का आंकड़ा गंभीर है। कोविड और नॉन कोविड अस्पतालों को इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें नवाबपुरा क्षेत्र में रैडम एंटी बॉडी टेस्टिंग शुरू करेंगी। मुरादाबाद में संक्रमण से खतरनाक मौत का आंकड़ा है। कई संक्रमित मरीजों को समय पर वेंटीलेटर और उनकी कोविड 19 जांच नहीं हुई हैं। दो मौतों के मामलों में नॉन कोविड अस्पतालों की लापरवाही सामने आई है। सांस फूलना, बुखार और गले में खराश कोरोना के मुख्य लक्षण हैं। नॉन कोविड अस्पतालों में ऐसे मरीज पहुंचे हैं। अस्पतालों ने उनका कोविड टेस्ट कराने के बजाए तीन से चार दिन तक भर्ती रखने के बाद कोविड 19 टेस्ट कराया है। इस अवधि में मरीज का ऑक्सीजन लेवल 80 से नीचे आया है, जिससे उसे बचाया नहीं जा सका है। उन्होंने कहा कि लक्षणों वाले मरीजों में जांच कराने की लापरवाही भविष्य में बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
बीमारी छिपाएं नहीं, जांच को सामने आएं
उन्होंने कहा कि लोग सरकार के मानकों को अपनाएं। अपनी बीमारी छिपाने के बजाए जांच के लिए सामने आएं। इससे वो खुद के साथ अपने परिवार को संक्रमण से बचा पाएंगे। प्रो. वेदप्रकाश ने कहा कि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खानपान के प्रति ध्यान देने की जरूरत है। काडे़ के साथ गुनगुना पानी पीएं। सुपाच्य भोजन लें और इसमें भी क्वांटिटी के बजाए क्वालिटी पर ध्यान दें। दैनिक आहार में कम से कम पांच आइटम चावल, रोटी, सब्जी, दाल, सलाद शामिल करें। दही और फलों का सेवन बढ़ाएं। रोजाना दो से ढाई हजार कैलोरी लेने के साथ योग एवं घरों की छत पर वॉक करें। इससे संक्रमण से लड़ने के लिए इम्युनिटी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री को सौंपेंगे रिपोर्ट
संक्रमण के फैलाव की दृष्टि से मुरादाबाद प्रदेश में 12वें स्थान पर है। जिले में अब तक 1077 संक्रमित आ चुके हैं और इनमें 45 संक्रमित लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रो. वेदप्रकाश को मुरादाबाद में कोरोना संक्रमण के फैलाव रोकने की कार्ययोजना एवं समीक्षा के लिए भेजा था। प्रो. वेदप्रकाश ने मुरादाबाद के कोविड अस्पतालों का निरीक्षण, कोविड एवं नॉन कोविड अस्पतालों के डाक्टर, आईएमए और नर्सिंग होम एसोसिएशन पदाधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन के अफसरों के साथ अलग-अलग पहलुओं पर मंथन किया। संक्रमण के फैलाव की वजह के साथ उस पर नियंत्रण की प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करने की सलाह दी। प्रो. वेदप्रकाश निरीक्षण एवं कार्ययोजना की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेंगे।